यूनिक समय, नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रणवीर सिंह और 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' (FWICE) के बीच फिल्म 'डॉन 3' (Don 3) को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले दिनों रणवीर सिंह के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने वाले फिल्म फेडरेशन ने अब एक बड़ा यू-टर्न ले लिया है। FWICE ने इंडस्ट्री में एकता, मेलजोल और सामूहिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए अभिनेता के खिलाफ जारी किए गए असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Directive) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आधिकारिक ऐलान किया है। हालांकि, यह विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है, क्योंकि फेडरेशन ने साफ किया है कि अभिनेता द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस का जवाब उनके कानूनी विभाग द्वारा कानून के दायरे में ही दिया जाएगा। क्यों शुरू हुआ था विवाद? इस पूरे विवाद की जड़ें फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डॉन 3' से जुड़ी हुई हैं। साल 2006 और 2011 में शाहरुख खान के साथ 'डॉन' फ्रेंचाइजी की दो सफल फिल्में बनाने के बाद, साल 2023 में आधिकारिक घोषणा की गई थी कि 'डॉन 3' में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभाएंगे। लेकिन दिसंबर 2025 में खबरें आईं कि फिल्म निर्माता आदित्य धर के साथ अपनी फिल्म 'धुरंधर' की बड़ी सफलता के बाद रणवीर सिंह ने अचानक और आखिरी वक्त पर 'डॉन 3' से अपने कदम पीछे खींच लिए (वॉकआउट कर लिया)। इसके बाद फिल्म के निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी (एक्सेल एंटरटेनमेंट) ने अप्रैल में FWICE का दरवाजा खटखटाया और दावा किया कि रणवीर सिंह के इस अचानक फैसले के कारण उन्हें लगभग 45 करोड़ रुपए का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए FWICE ने बीती 25 मई 2026 को रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया था, जिसके तहत मेकर्स को उनके साथ काम न करने की सलाह दी गई थी। IMPAA और प्रोड्यूसर्स गिल्ड की मध्यस्थता के बाद बदला फैसला इस प्रतिबंध के बाद रणवीर सिंह ने मंगलवार को FWICE को एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) थमा दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद फिल्म जगत के अन्य बड़े संगठनों के हस्तक्षेप के कारण समीकरण बदल गए। FWICE के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने पीटीआई (PTI) से बातचीत में बताया कि 'इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन' (IMPAA), 'प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया' (PGI) और 'सिंटा' (CINTAA) की अपील और विशेष अनुरोध के बाद यह सामूहिक निर्णय लिया गया है। फेडरेशन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मनोरंजन उद्योग हमेशा आपसी समझ, सम्मान और एकजुटता पर फली-फूली है। लंबे समय तक चलने वाले झगड़ों के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही पूरी इंडस्ट्री के हित में है। इसी जिम्मेदारी की भावना को समझते हुए रणवीर सिंह के खिलाफ जारी निर्देश को वापस लिया जा रहा है ताकि सभी पक्षकार एक साथ बैठकर ऐसा रचनात्मक समाधान निकाल सकें जिससे न तो निर्माताओं-निर्देशकों को नुकसान हो और न ही अभिनेता को कोई समस्या आए। 'इस मामले में कोई जीता या हारा नहीं'— FWICE फेडरेशन के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले में न तो किसी की जीत हुई है और न ही किसी की हार। उन्होंने आगे जोड़ा कि रणवीर सिंह ने जो लीगल नोटिस भेजा है, उसका जवाब कोर्ट में हमारा लीगल डिपार्टमेंट पूरी मजबूती से देगा। इसके साथ ही FWICE ने संकट की इस घड़ी में मार्गदर्शन करने के लिए देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित निर्माता निकाय IMPAA और अभय सिन्हा का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। दूसरी तरफ, पूरे विवाद और 'डॉन 3' के घटनाक्रम पर रणवीर सिंह के प्रवक्ता ने अभिनेता की ओर से बयान जारी करते हुए कहा है कि रणवीर सिंह पूरी फिल्म बिरादरी और 'डॉन' फ्रेंचाइजी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का सर्वोच्च सम्मान करते हैं। उन्होंने इस पूरे विवाद के दौरान जानबूझकर चुप्पी बनाए रखना ही सही समझा, क्योंकि उनका मानना है कि पेशेवर चर्चाओं और व्यक्तिगत समीकरणों को हमेशा गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ ही संभाला जाना चाहिए। फिलहाल, इस प्रतिबंध की वापसी से फिल्म जगत ने राहत की सांस ली है, लेकिन कानूनी लड़ाई का अध्याय अभी खुला हुआ है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Delhi: मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी आग से 20 लोगों की दर्दनाक मौत, 37 घायल; विदेशी नागरिकों के फंसे होने की आशंका ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]