यूनिक समय, मथुरा। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा अपने दो दिवसीय निजी दौरे पर सपरिवार आस्था और भक्ति के केंद्र ब्रजधाम पहुंचे। उन्होंने सोमवार और मंगलवार को गोकुल तथा मथुरा के विभिन्न प्रमुख और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान कृषि मंत्री ने देश, उत्तर प्रदेश व बिहार की जनता के कल्याण सहित विशेष रूप से देश के अन्नदाताओं (किसानों) की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। इस धार्मिक यात्रा में उनकी धर्मपत्नी और पुत्र भी उनके साथ मौजूद रहे। विश्राम घाट पर किया यमुना मैया का दुग्धाभिषेक अपने ब्रज प्रवास के दौरान विजय कुमार सिन्हा ने सबसे पहले मथुरा के ऐतिहासिक और पावन विश्राम घाट पर हाजिरी लगाई। यहाँ उन्होंने यमुना महारानी की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और मां यमुना का दुग्धाभिषेक कर राष्ट्र की प्रगति और समाज में आपसी सौहार्द व शांति के लिए प्रार्थना की। इसके उपरांत, वे राजाधिराज श्री द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने ठाकुर जी के अलौकिक दर्शन किए और ब्रज के राजा का आशीर्वाद प्राप्त किया। गोकुल की कुंज गलियों में कृषि मंत्री मथुरा में दर्शन करने के बाद बिहार के कृषि मंत्री भगवान श्री कृष्ण की बाल क्रीड़ा स्थली गोकुल पहुंचे। गोकुल में उन्होंने प्रसिद्ध और प्राचीन कुंज गलियों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने नंद किला, ठाकुरानी घाट, योगमाया मंदिर, नंद भवन (चौरासी खंभा) और दाऊजी (बलराम जी) की जन्मस्थली सहित कई प्रमुख पौराणिक स्थलों के दर्शन किए। गोकुल प्रवास के दौरान वहां के विद्वान धर्माचार्य नकुल शास्त्री ने कृषि मंत्री को गोकुल के गौरवशाली इतिहास, इसकी धार्मिक महत्ता और अनूठी पौराणिक विरासत से विस्तार से अवगत कराया। गोकुल भ्रमण के दौरान मीडिया और स्थानीय लोगों से मुखातिब होते हुए विजय कुमार सिन्हा भावविभोर नजर आए। उन्होंने कहा कि कान्हा की नगरी गोकुल में आकर उन्हें अत्यंत असीम आध्यात्मिक आनंद और मानसिक शांति की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि गोकुल का वातावरण आज भी उतना ही शांत, पवित्र और भक्तिमय बना हुआ है जैसा पुराणों में वर्णित है। यहाँ की संकरी गलियां, सदियों पुराने मकान और समृद्ध धार्मिक परंपराएं ब्रज की प्राचीन और सनातन संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। सिन्हा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी गोकुल ने अपने प्राचीन और पौराणिक स्वरूप को सुरक्षित रखा है, जो दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित करता है। उन्होंने ब्रज की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पवित्र स्थल हमारी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के मुख्य केंद्र हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी का परम कर्तव्य है। भाजपा कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने किया भव्य स्वागत बिहार के कृषि मंत्री के मथुरा और गोकुल आगमन पर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और तीर्थ पुरोहितों ने उनका पटुका ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विपुल पाठक, पंकज चतुर्वेदी, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी पंडित श्याम शर्मा, अंशुमान चतुर्वेदी और श्रीकृष्ण चतुर्वेदी सहित भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।