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US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच खत्म हुई जंग; दोनों देशो ने 14-सूत्रीय समझौते पर किए हस्ताक्षर

by Tarun Bhardwaj • June 18, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में पिछले 111 दिनों से जारी भीषण तनाव और युद्ध की विभीषिका को खत्म करने की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और युगांतकारी सफलता हाथ लगी है। वैश्विक मंच पर जारी भारी उथल-पुथल के बीच अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के खिलाफ जंग खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस दौरे के दौरान वर्साय पैलेस में इस बेहद महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसने पूरी दुनिया को एक बड़ी राहत दी है। यह ऐतिहासिक शांति समझौता तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

पेजेशकियन ने तेहरान से वर्चुअली किए दस्तखत

रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे इस शांति समझौते पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने अलग-अलग जगह से अपनी सहमति जताई। फ्रांस में जी7 (G7) देशों के सम्मेलन के इतर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में इस पर दस्तखत किए। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने तेहरान में ही मौजूद रहकर डिजिटल (इलेक्ट्रॉनिक) माध्यम से वर्चुअली इस प्रक्रिया को पूरा किया।

भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे इस समझौते का आधिकारिक तौर पर वैश्विक ऐलान किया गया। बेहद दिलचस्प बात यह रही कि इस समझौते पर पहले 19 जून को स्विटजरलैंड के लूसर्न शहर में हस्ताक्षर होने तय थे, लेकिन गंभीर वैश्विक हालातों को देखते हुए निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही इस पर मुहर लगा दी गई।

क्या हैं इस 14-सूत्रीय समझौते के मुख्य बिंदु?

व्हाइट हाउस और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) में कई बेहद कड़े और जरूरी फैसले लिए गए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभावी होते ही ईरान और लेबनान के क्षेत्रों में जारी तमाम अमेरिकी और ईरान समर्थित सैन्य गतिविधियां तुरंत प्रभाव से रोक दी गई हैं।

इसके साथ ही, अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्रों पर की गई सख्त नौसैनिक नाकेबंदी को भी तत्काल हटा लिया गया है। वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी प्रकार के व्यापारिक जहाजों के आवागमन के लिए दोबारा पूरी तरह खोल दिया गया है। इस महासमझौते को अमलीजामा पहनाने और दोनों देशों को एक मेज पर लाने में ओमान और कुछ अन्य तटस्थ देशों ने बेहद गोपनीय व सराहनीय मध्यस्थता निभाई है, जिसकी पुष्टि खुद ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी की है।

राष्ट्रपति मैक्रों ने किया स्वागत

व्हाइट हाउस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को एक साथ बैठकर इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते और वैश्विक शांति पर चर्चा करते देखा जा सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर इस ऐतिहासिक कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया।

मैक्रों ने इसे पश्चिम एशिया में स्थायी और मजबूत शांति की दिशा में एक बड़ा और अपरिहार्य कदम बताया है। इस शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने से दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) और ऊर्जा की कीमतों में भारी कमी आने की प्रबल संभावना है, जिससे मंदी की कगार पर खड़े वैश्विक बाजार और आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

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