यूनिक समय, मथुरा। जिले में सोमवार को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले सैकड़ों अन्नदाताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित एक 15 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इस विशाल प्रदर्शन और घेराव का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष सोनवीर चौधरी ने किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनकी जायज समस्याएं लंबे समय से लंबित पड़ी हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर ज्ञापन देने के बावजूद जिला प्रशासन ने आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है, जिससे किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। फार्मर आईडी और उर्वरकों पर उठी आवाज कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सोनवीर चौधरी ने कहा कि तहसीलों में अंश निर्धारण के लंबित मामलों का समय पर निस्तारण नहीं हो रहा है, जिसके चलते गरीब किसानों को बार-बार तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने राजस्व लेखपालों पर किसानों के मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का सीधा आरोप भी लगाया। किसानों ने मांग की है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही फार्मर आईडी बनाने की जटिल प्रक्रिया को तुरंत सरल किया जाए। इसके साथ ही, आगामी कृषि सीजन को देखते हुए जिले में डीएपी, यूरिया और अन्य आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए और खाद की कालाबाजारी में लिप्त सिंडिकेट पर रासुका जैसी कठोर कार्रवाई कर रोक लगाई जाए। नकली बीज पर मुआवजा की मांग सौंपे गए 15 सूत्रीय ज्ञापन में बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे नकली बीज, घटिया कीटनाशक और मिलावटी उर्वरकों की बिक्री को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। किसानों ने कहा कि खराब और नकली बीजों के कारण जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा, सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की कानूनी गारंटी देने, फसल बीमा योजना को धरातल पर प्रभावी बनाने और प्राकृतिक आपदाओं (ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश) से हुई फसलों की क्षति का शीघ्र शत-प्रतिशत भुगतान करने की मांग भी प्रमुखता से शामिल रही। निर्बाध बिजली-पानी की मांग किसानों ने अपनी अन्य प्रमुख समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्रज क्षेत्र में आवारा और बेसहारा पशुओं की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जिसका स्थायी समाधान किया जाए। खेती-किसानी के लिए नहरों और सरकारी ट्यूबवेलों से पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कृषि क्षेत्र को निर्धारित शिड्यूल के अनुसार बिना किसी कटौती के निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए। इसके साथ ही गन्ना किसानों का पुराना बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने, सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार और बिचौलियों के सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाने तथा भूमि संबंधी आपसी विवादों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग भी उठाई गई। प्रशासन को अल्टीमेटम घेराव और प्रदर्शन के अंत में जिलाध्यक्ष सोनवीर चौधरी ने जिला प्रशासन को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की इन 15 सूत्रीय मांगों का धरातल पर सकारात्मक समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के आह्वान पर हजारों किसान यमुना एक्सप्रेसवे पर उतरकर चक्का जाम कर देंगे। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि उन्हें अपनी मांगों के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होना पड़ा, तो इससे उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय शासन और प्रशासन की होगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Lucknow Coaching Fire: अलीगंज के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग; जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदे छात्र, रेस्क्यू जारी ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]