Wed, Jul 15th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

श्रीकृष्ण जन्मस्थान वित्तीय विवाद: सचिव कपिल शर्मा ने सीएम योगी को लिखा पत्र; फलाहारी बाबा के आरोपों को बताया मनगढ़ंत

by Tarun Bhardwaj • June 22, 2026
Shri Krishna Janmasthan Financial Dispute

श्रीकृष्ण जन्मस्थान वित्तीय विवाद: सचिव कपिल शर्मा ने सीएम योगी को लिखा पत्र; फलाहारी बाबा के आरोपों को बताया मनगढ़ंत

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी विवाद ने अब एक नया और बेहद गरमागरम मोड़ ले लिया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए सभी वित्तीय आरोपों की किसी भी सक्षम प्राधिकारी या उच्च स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की खुली मांग की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

फलाहारी बाबा ने लगाए थे गंभीर आरोप

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने सार्वजनिक रूप से श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। फलाहारी ने मंदिर में आने वाले चढ़ावे, गुप्त दान और ठाकुर जी के आभूषणों के रख-रखाव में भारी गड़बड़ी और हेराफेरी होने के सनसनीखेज आरोप लगाए थे।

दिनेश शर्मा फलाहारी ने सीधे तौर पर संस्थान के सचिव कपिल शर्मा को इन कथित वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग शासन से की थी। फलाहारी का दावा था कि मंदिर में भक्तों द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है।

इसके अलावा, उन्होंने मंदिर में आयोजित होने वाले विशेष आयोजनों, जैसे ‘फूल बंगला’ और ’56 भोग’ जैसी धार्मिक सेवाओं के नाम पर पर्दे के पीछे से भारी कमीशन वसूले जाने का भी दावा किया था। साथ ही, उन्होंने कपिल शर्मा पर उत्तराखंड में करोड़ों रुपये की कीमती जमीन अवैध तरीके से खरीदने जैसे बेहद गंभीर आरोप भी जड़े थे।

कपिल शर्मा का पलटवार

इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा मीडिया के सामने आए और उन्होंने दिनेश शर्मा फलाहारी के दावों को पूरी तरह से मनगढ़ंत, तथ्यहीन, आधारहीन और मिथ्या करार दिया। कपिल शर्मा ने कहा कि मंदिर जैसी पवित्र जगह को लेकर इस तरह की राजनीति करना बेहद निंदनीय है और इसी वजह से उन्होंने खुद मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरी शुचिता के साथ जांच कराने का आग्रह किया है।

कपिल शर्मा ने अपनी ईमानदारी का प्रमाण देते हुए बड़ा खुलासा किया कि वे पिछले 27 वर्षों से लगातार श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान से जुड़े हुए हैं और इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने संस्थान से कभी भी एक रुपया भी वेतन (सैलरी), मानदेय, यात्रा भत्ता (TA) या किसी भी अन्य प्रकार की सरकारी/संस्थानिक सुविधा का लाभ नहीं लिया है। उन्होंने दावा किया कि संस्थान के कार्यों के सिलसिले में जो भी आधिकारिक या व्यक्तिगत खर्च होता है, उसे भी वह अपनी निजी पारिवारिक आय से ही वहन करते आ रहे हैं। ऐसे में उन पर वित्तीय गबन का आरोप लगाना सिर्फ उनकी छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश है।

फलाहारी बाबा पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए शिकायती पत्र में कपिल शर्मा ने केवल अपनी सफाई ही नहीं दी, बल्कि आरोप लगाने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी पर भी कई गंभीर और तीखे पलटवार किए। कपिल शर्मा ने फलाहारी की पृष्ठभूमि को उजागर करते हुए दावा किया कि वह पूर्व में समाजवादी पार्टी (सपा) से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और वहां पदाधिकारी रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ने की जुगत में भी लगे थे।

कपिल शर्मा ने आरोप लगाया कि दिनेश शर्मा फलाहारी का खुद का पुराना रिकॉर्ड बेहद विवादित है। उनके खिलाफ स्थानीय थानों में ठगी, चोरी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कुछ मामलों में तो पुलिस अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) भी दाखिल कर चुकी है।

‘सरकारी सुरक्षा पाने के लिए की जाती है विवादित बयानबाजी’

कपिल शर्मा ने सीएम को लिखे पत्र में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि दिनेश शर्मा फलाहारी का मुख्य उद्देश्य केवल सुर्खियों में बने रहना और विवादित बयानबाजी के जरिए शासन-प्रशासन से अपने लिए ‘सरकारी सुरक्षा’ (गनर) हासिल करना है। पूर्व में भी उनके द्वारा ऐसे भड़काऊ और विवादित बयान देकर मथुरा के शांत और सामाजिक माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया जा चुका है।

इसके साथ ही कपिल शर्मा ने श्रद्धालुओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि फलाहारी ने मूल ‘श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट’ के नाम से मिलता-जुलता एक फर्जी या समानांतर ट्रस्ट बना लिया है, जिसके जरिए वे भोले-भाले भक्तों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, श्रीकृष्ण जन्मस्थान जैसे संवेदनशील और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस केंद्र पर लगे आरोपों और जवाबी दावों के बाद अब मथुरा की जनता और देश भर के कृष्ण भक्तों की नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अगले कदम और प्रशासनिक एजेंसियों के निर्णय पर टिक गई हैं।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Qatar Gas Explosion: कतर के बरजान गैस टर्मिनल में भीषण विस्फोट; 54 लोग घायल, 18 लापता

ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

मथुरा-वृन्दावन में बढ़ा यमुना का जलस्तर मथुरा में विवादित होर्डिंग्स पर भड़का आक्रोश सोनम वांगचुक का वज़न 8.5 किलो घटा; बिगड़ती सेहत देख भावुक हुआ बॉलीवुड JFK एयरपोर्ट और ABB से करार के बाद TCS के शेयरों में जबरदस्त तेजी चुनाव आयोग ने शुरू की SIR के तहत ऑनलाइन इन्यूमिरेशन फॉर्म जमा करने की सुविधा होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमले में भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार का बड़ा एक्शन सितंबर में लॉन्च हो सकती है Apple iPhone 18 Pro सीरीज अमेरिका ने ईरान के 6 ठिकानों पर की 5 घंटे तक भीषण एयरस्ट्राइक