यूनिक समय, नई दिल्ली। कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र (Ras Laffan Industrial City) में स्थित बरजान गैस आपूर्ति संयंत्र में रविवार रात को उस समय एक भयानक विस्फोट हो गया, जब हाल ही में हुए ईरान युद्ध के नुकसान के बाद इसकी मरम्मत कर इसे दोबारा चालू करने की कोशिश की जा रही थी। इस दिल दहला देने वाले धमाके के बाद पूरे प्लांट में भीषण आग लग गई। कतर के गृह मंत्रालय द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 54 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जबकि 18 कर्मचारी अभी भी लापता हैं जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। दोबारा शुरू करने की कोशिश में हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान युद्ध के दौरान हुए हवाई हमलों में कतर के इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गैस प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा था। लंबे समय तक चले मरम्मत कार्य के बाद रविवार को इस महाकाय प्लांट को परीक्षण के तौर पर फिर से चालू करने (रिस्टार्ट) की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। इसी तकनीकी प्रक्रिया के दौरान अचानक गैस पाइपलाइन या प्रोसेसिंग यूनिट में जोरदार धमाका हुआ। कतर की सरकारी स्वामित्व वाली सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी 'कतर एनर्जी' (QatarEnergy) ने भी इस विनाशकारी घटना और आगजनी की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसमान में आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं। इस घटना के पीछे की भू-राजनीतिक परिस्थितियां भी बेहद पेचीदा हैं। दरअसल, पिछले दिनों ईरान द्वारा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर अपना कड़ा सैन्य नियंत्रण स्थापित कर लिए जाने के कारण कतर अपने अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक प्राकृतिक गैस की सुरक्षित खेप नहीं भेज पा रहा था। इसी सप्लाई चेन के बाधित होने की वजह से कतर ने अपनी गैस उत्पादन और निर्यात गतिविधियों को अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया था। हाल ही में, पश्चिम एशिया में युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर जारी शांति वार्ताओं के बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ थोड़ी ढीली की थी। ईरान के इस सकारात्मक कदम के बाद कतर ने वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए अपने इस प्रमुख निर्यात टर्मिनल को फिर से चालू करने का बड़ा फैसला लिया, लेकिन पहली ही कोशिश में यह भीषण हादसा हो गया। गृह मंत्रालय ने बयां की स्थिति की गंभीरता हादसे के शुरुआती कुछ घंटों में अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य बताते हुए केवल कुछ ही लोगों के मामूली रूप से घायल होने की बात कही थी। लेकिन वक्त बीतने के साथ नुकसान का आकलन होने पर कतर के गृह मंत्रालय ने स्थिति की वास्तविक गंभीरता का खुलासा किया। मंत्रालय ने बताया कि मलबे और आग की चपेट में आने से 54 लोग झुलस गए हैं जिन्हें विशेष ट्रॉमा सेंटरों में भर्ती कराया गया है। वहीं लापता 18 लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। चूंकि कतर दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और प्राकृतिक गैस उत्पादक व निर्यातक देशों में शीर्ष पर आता है, इसलिए इस प्रमुख टर्मिनल के ठप होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों (Global Energy Markets) में एक बार फिर अस्थिरता और गैस की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका जताई जा रही है। यूरोपीय और एशियाई देशों में इसके चलते ऊर्जा संकट गहरा सकता है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Amazon Prime Day Sale 2026: 4 जुलाई से शुरू होगी महासेल; स्मार्ट टीवी और स्पीकर्स पर मिलेगा 45% तक का बंपर डिस्काउंट ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]