यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सांगठनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय नेताओं से मैराथन बैठकों के बाद यूपी बीजेपी के नए संगठन की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। चुनावी तैयारियों को धार देने और जमीनी स्तर पर पार्टी के नेटवर्क को मजबूत करने के इरादे से बनाई गई पंकज चौधरी की इस नई टीम में सोशल इंजीनियरिंग (जातीय समीकरण) का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें ओबीसी, दलित और सामान्य वर्ग के नेताओं को संतुलित जगह दी गई है। नई टीम में कुल 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री और 18 प्रदेश मंत्री शामिल किए गए हैं। नीरज सिंह और पूजा पाल बनीं उपाध्यक्ष पार्टी आलाकमान की मंजूरी के बाद जारी की गई इस नई सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम प्रयागराज की चायल सीट से विधायक पूजा पाल का है, जो हाल ही में समाजवादी पार्टी (सपा) से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुई थीं, उन्हें सीधे प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को भी संगठन में तरक्की देते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनको सौंपी गई प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी: सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, आलोक गुप्ता, राजेश यादव और कृष्ण बिहारी राय। 8 महामंत्रियों की हुई नियुक्ति बीजेपी के संगठनात्मक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी टीम में 8 ऊर्जावान और अनुभवी महामंत्रियों की नियुक्ति की है। यह टीम आगामी चुनाव में टिकट वितरण से लेकर रैलियों के प्रबंधन में मुख्य भूमिका निभाएगी। ये नेता बनाए गए प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी। टीम पंकज में 18 प्रदेश मंत्रियों का भी हुआ एलान संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखने के लिए टीम में 18 प्रदेश मंत्रियों की घोषणा की गई है, जिनमें बड़ी संख्या में पिछड़े (ओबीसी) वर्ग के चेहरों को शामिल कर विपक्ष के जातीय नैरेटिव को काटने की कोशिश की गई है। प्रमुख रूप से शामिल प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर और प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा समेत कुल 18 नेताओं को प्रदेश मंत्री की कमान दी गई है। आलाकमान ने दी मंजूरी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सूची जारी करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से गहन विचार-विमर्श और हाल ही में दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के साथ सांगठनिक ढांचे को लेकर हुई विस्तृत चर्चा के बाद इन नामों पर अंतिम मुहर लगी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को फतह करने के लिए इस बार 'परफॉर्म या बाहर' की नीति अपनाई गई है। पुराने चेहरों को बदलने और नए व वफादार चेहरों को आगे लाकर बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह चुनाव में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: केतन अग्रवाल हत्याकांड: 33°C गर्मी में ‘हुडी’ पहनने की एक भूल ने खोला मर्डर का राज; जानें परत-दर-परत पूरी इनसाइड स्टोरी ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]