यूनिक समय, नई दिल्ली। लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में सोमवार दोपहर हुआ दिल दहला देने वाला अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर चल रहे थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और कोचिंग संस्थान में भीषण आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की जिंदा जलकर और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। आग इतनी भयावह थी कि जान बचाने के लिए कई छात्रों को सीधे बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदना पड़ा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बुरी तरह झुलसे और चोटिल 9 छात्रों को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट और एयर कंडीशनर (एसी) का कंप्रेसर फटना बताई जा रही है। अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित इस तीन मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) संचालित थी। इसके ठीक ऊपर पहली मंजिल पर पेट शॉप के मालिक का वेयरहाउस (गोदाम) बना हुआ था। वहीं, दूसरी और तीसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, गेमिंग जोन और 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग क्लास चलती थी। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे पहली मंजिल पर बने वेयरहाउस में अचानक चिंगारी उठी और आग लग गई। वेयरहाउस में रखे सामान और लकड़ी के भारी फर्नीचर के कारण आग ने चंद मिनटों में ही पूरी बिल्डिंग को अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि नीचे उतरने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और दूसरी व तीसरी मंजिल पर पढ़ रहे मासूम छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने करीब दो घंटे तक कड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 15 शवों को बाहर निकाला। डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर बच्चों की मौत दम घुटने के कारण हुई है। इन छात्रों ने गंवाई अपनी जान इस भयंकर त्रासदी में जिन 15 परिवारों के चिराग बुझ गए, उनमें से प्रमुख नाम इस प्रकार हैं: सुखमनी (24 वर्ष) - लखनऊ आदित्य श्रीवास्तव (24 वर्ष) - बिसवां, सीतापुर मोहम्मद अम्मार (24 वर्ष) - लेखपड़ा बाग, बाराबंकी नीलेश (27 वर्ष) - हजरतगंज, लखनऊ अब्दुल रहमान (24 वर्ष) - बिसवां, सीतापुर संयम विज (27 वर्ष) - कानपुर शहजान सिद्दीकी (18 वर्ष) - बीकेटी, लखनऊ अनुक्षा (24 वर्ष) - शांतिनगर, लखनऊ इसके साथ ही सागर (28), ज्योति (26), जैनिल (26, मध्य प्रदेश), सौमाल्या (24), भविष्य (23), सूरज सिंह (27) और अनामिका नामक छात्रों ने भी इस हादसे में अपनी जान गंवा दी। जबकि जयंत, लवप्रीत, मो. आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। घटनास्थल पहुंचे सीएम योगी अलीगंज के कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जैसे ही उन्हें लखनऊ में इस बड़ी त्रासदी की सूचना मिली, उन्होंने अपना दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तुरंत लखनऊ वापस लौटे। सीएम योगी सीधे घटनास्थल पहुंचे और राहत कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद वे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर गए, जहाँ उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए पीड़ितों से कहा, "हम किसी की जिंदगी तो वापस नहीं लौटा सकते, लेकिन यह विश्वास दिलाते हैं कि इस लापरवाही के जिम्मेदार दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।" वहीं, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से सीधे लखनऊ पहुंचे और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। मुआवजे का ऐलान लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड की इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पीड़ितों के लिए बड़े मुआवजे की घोषणा की गई है। इस घोषणा के तहत हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 5 लाख रुपये यानी कुल 7-7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, इस भीषण हादसे में घायल हुए लोगों को केंद्र सरकार की ओर से 50 हजार रुपये और राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये यानी कुल 1 लाख रुपये का मुआवजा और अस्पताल में मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। सिस्टम पर फूटा गुस्सा इस हृदयविदारक हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और चश्मदीदों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि आग लगते ही दमकल विभाग को लगातार फोन किए गए, लेकिन पहली गाड़ी पहुंचने में पूरे 40 मिनट लग गए, जिसके कारण आग पूरी तरह फैल गई। यही नहीं, एम्बुलेंस सेवा की लापरवाही भी उजागर हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब उन्होंने 102 पर कॉल किया तो उन्हें 108 पर कॉल करने को कहा गया, और 108 वालों ने वापस 102 का नंबर दे दिया। इस टालमटोल के कारण झुलसे हुए छात्रों को अस्पताल पहुंचाने में काफी देरी हुई। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DZ6u8dbHYMJ/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] बड़ी कार्रवाई लखनऊ विकास प्राधिकरण और शासन द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के तहत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात एक उच्चस्तरीय बैठक कर दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, जिसमें संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के एडीजी जोन प्रवीण कुमार शामिल हैं और वे 7 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इस हादसे में प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही के दोषी पाए जाने पर सरकार ने 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिनमें जानकीपुरम बिजली विभाग के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, इंदिरा नगर फायर विभाग के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के पई अनिल कुमार और एलडीए के ही जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। इसके साथ ही, अलीगंज थाने में पुरनिया चौकी इंचार्ज शुभम तिवारी की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में 6 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी व बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर के संचालक तूॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: गोकुल रेस्टोरेंट के पास सेल्समैन की आँखों में मिर्च झोंककर बदमाशों ने की 5 लाख से अधिक की लूट ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]