यूनिक समय, मथुरा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांगठनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज राय ने गुरुवार को अपनी नई कोर टीम का आधिकारिक एलान कर दिया है, जिसमें कुल 64 पदाधिकारियों को जगह दी गई है। इस नई सूची में मथुरा जनपद के मांट विधानसभा क्षेत्र से फायरब्रांड विधायक राजेश चौधरी को शामिल कर भाजपा ने ब्रज क्षेत्र सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को बड़ा संदेश दिया है। अपनी साफ-सुथरी छवि, प्रखर राष्ट्रवाद और जाट समाज में गहरी पैठ रखने वाले राजेश चौधरी को प्रदेश संगठन में शामिल किए जाने के बाद से ही मथुरा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 14 वर्ष की उम्र में थामी थी संघ की लाठी 1 जून 1973 को एक साधारण किसान परिवार में जन्मे 53 वर्षीय राजेश चौधरी का झुकाव बचपन से ही राष्ट्रसेवा की ओर था। महज 14 वर्ष की अल्पायु में ही साल 1987 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। उन्होंने 1989 में संघ शिक्षा वर्ग के द्वितीय वर्ष का कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया और इसके बाद देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक आंदोलन 'श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन' में अग्रिम पंक्ति में रहकर अपनी अहम भूमिका निभाई। साल 1993 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और अपनी नेतृत्व क्षमता के बल पर सह जिला प्रमुख बने। छात्रों के हक की लड़ाई और राष्ट्रवाद की अलख जगाने की उनकी काबिलियत को देखते हुए महज एक साल के भीतर 1994 में संगठन ने उन्हें एबीवीपी का जिला प्रमुख मनोनीत कर दिया था। राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर विद्यार्थी परिषद में युवाओं को जोड़ने के बाद साल 1998 में राजेश चौधरी को बजरंग दल की कमान सौंपी गई, जहां उन्होंने जिला संयोजक के रूप में युवाओं में राष्ट्र धर्म की भावना को कूट-कूट कर भरा। 2001 तक बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) में सक्रिय रहने के बाद वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला अध्यक्ष बने। इस दौरान उन्होंने आगरा में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में तत्कालीन युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मथुरा से 3500 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ भागीदारी कर अपनी सांगठनिक ताकत का लोहा मनवाया था। उनकी इसी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें 2004 में युवा मोर्चा ब्रज क्षेत्र का प्रभारी और 2007 में युवा मोर्चा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। राजेश चौधरी के राजनीतिक ग्राफ में सबसे बड़ा उछाल तब आया जब साल 2010 में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की राष्ट्रीय टीम में उन्हें 'राष्ट्रीय मंत्री' जैसी बड़ी और प्रतिष्ठित जिम्मेदारी सौंपी गई। मांट में पहली बार कमल खिलाकर रचा था इतिहास राजेश चौधरी की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिली। मथुरा की मांट विधानसभा सीट को विपक्षी दलों का अभेद्य किला माना जाता था, जहां भाजपा आजादी के बाद से कभी भी चुनाव नहीं जीत सकी थी। पार्टी ने युवा और जमीनी नेता राजेश चौधरी पर दांव लगाया और उन्होंने इस सीट पर पहली बार ऐतिहासिक जीत दर्ज कर 'कमल' खिलाया और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। इससे पहले साल 2016 में समाजवादी पार्टी के कड़े शासनकाल के दौरान भी उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझबूझ से नौहझील ब्लॉक में अपनी पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाने में सफलता हासिल की थी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: UP BJP List: यूपी बीजेपी के नए संगठन की आधिकारिक सूची जारी; नीरज सिंह और पूजा पाल बनीं उपाध्यक्ष, 19 नेताओं को मिली कमान ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]