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केतन अग्रवाल मर्डर केस: सिया के वकील ने भाई साहिल गोयल को भेजा मानहानि का नोटिस; वकालतनामने पर छिड़ी कानूनी जंग

by Tarun Bhardwaj • June 30, 2026
Siya's lawyer sent a defamation notice to her brother, Sahil Goyal

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सिया के वकील ने भाई साहिल गोयल को भेजा मानहानि का नोटिस; वकालतनामने पर छिड़ी कानूनी जंग

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यूनिक समय, नई दिल्ली। पुणे के चर्चित और सनसनीखेज केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया और हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद सामने आ गया है। इस मर्डर केस में मुख्य आरोपी के तौर पर जेल में बंद सिया गोयल के वकील एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने सिया के सगे भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का कानूनी मानहानि नोटिस (Defamation Notice) थमा दिया है। इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद अब यह पूरा मामला केवल हत्या की पुलिसिया जांच तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जेल में बंद आरोपी, उसके परिवार और वकील के बीच भी एक बड़ी कानूनी लड़ाई में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। इस नए मोड़ ने पूरे हत्याकांड की गुत्थी को और अधिक उलझा दिया है।

विवाद की मुख्य वजह

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी सिया के भाई साहिल गोयल ने मीडिया के सामने आकर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव के सिया का वकील होने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। साहिल ने सरेआम दावा किया कि उनके परिवार ने आशीष श्रीवास्तव को अपनी बहन का केस लड़ने के लिए कभी नियुक्त (Engage) नहीं किया। साहिल ने यहाँ तक आशंका जताई कि वकील ने जेल में बंद सिया से किसी बहाने या धोखे से वकालतनामा पर हस्ताक्षर करवा लिए हैं।

साहिल के इस तीखे बयान के पलटवार में एडवोकेट श्रीवास्तव ने लीगल नोटिस जारी किया। उन्होंने साफ किया कि उनके पास सिया गोयल द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित (Sign) वकालतनामा मौजूद है, जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सक्षम अदालत में भी दाखिल किया जा चुका है।

एडवोकेट श्रीवास्तव का बड़ा दावा

एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने अपने नोटिस में पुरजोर तरीके से दावा किया है कि सिया गोयल एक वयस्क (Adult) आरोपी हैं और कानूनन अपना फैसला लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उन्होंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी स्वेच्छा से उन्हें अपना कानूनी प्रतिनिधि (लीगल काउंसिल) नियुक्त किया है।

वकील का कहना है कि सिया ने बाकायदा सोच-समझकर वकालतनामा पर दस्तखत किए हैं और यह दस्तावेज अब सक्षम अदालत के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन चुका है। श्रीवास्तव ने कहा कि यह कोई मौखिक दावा या मीडिया में पब्लिसिटी पाने के लिए कही गई बात नहीं है, बल्कि एक कानूनी रूप से वैध नियुक्ति है, जिसे चुनौती नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे संबंधित सभी प्रामाणिक दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

छवि को नुकसान और ट्रोलिंग का आरोप

साहिल गोयल पर मानहानि का आरोप लगाते हुए नोटिस में कहा गया है कि साहिल ने बिना किसी तथ्य या सच्चाई की पुष्टि किए मीडिया में गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए, जिससे एडवोकेट श्रीवास्तव की वर्षों की कड़ी मेहनत से बनी पेशेवर छवि (Professional Reputation) को गहरा आघात पहुंचा है।

नोटिस के अनुसार, साहिल के बयानों के कारण समाज और कानूनी बिरादरी में यह गलत संदेश गया कि श्रीवास्तव ने झूठा दावा किया है। इसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग, धमकियों, अपमानजनक टिप्पणियों और गंभीर पेशेवर नुकसान का सामना करना पड़ा है। इस नोटिस के जरिए साहिल गोयल से मांग की गई है कि वे:

अपने कथित मानहानिकारक बयानों को तत्काल प्रभाव से वापस लें।

मीडिया और सार्वजनिक रूप से इसके लिए बिना शर्त माफी मांगें।

भविष्य में ऐसे झूठे आरोप न लगाने का लिखित आश्वासन दें।

नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर साहिल गोयल की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब या माफीनामा नहीं आता है, तो उनके खिलाफ दीवानी (Civil) और फौजदारी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी, जिसमें 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा शामिल है।

वकीलों के फेर में उलझी सिया

यह विवाद सोमवार को पुणे अदालत में मामले की सुनवाई से ठीक पहले सार्वजनिक रूप से उस समय और गर्मा गया, जब साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि परिवार की ओर से इस केस के लिए एडवोकेट विपुल दुशिंग को आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया है, न कि आशीष श्रीवास्तव को। साहिल ने यह भी कहा कि परिवार ने इस संबंध में कोर्ट में एक हलफनामा (Affidavit) भी दाखिल कर दिया है।

दूसरी ओर, एडवोकेट श्रीवास्तव अपनी बात पर अड़े हैं कि परिवार की आपत्तियों के बावजूद उनके पास खुद मुख्य आरोपी सिया की ओर से दिया गया वैध कानूनी अधिकार मौजूद है। अब देखना यह होगा कि वकीलों के इस आपसी और पारिवारिक फेर में उलझी सिया गोयल के इस केस में माननीय अदालत क्या रुख अपनाती है, क्योंकि असली काउंसिल कौन है, इसका फैसला अब कोर्ट के रिकॉर्ड के आधार पर ही होगा।

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