यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी के हृदय स्थल चौक बाजार में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद से बुधवार शाम एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार शाम करीब 7:00 बजे मस्जिद के मुख्य गुंबद का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि गुंबद का भारी-भरकम मलबा नीचे मुख्य सड़क या बाजार पर गिरने के बजाय मस्जिद की ही ऊपरी पक्की छत पर जाकर गिरा, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मस्जिद में चल रही थी नमाज, तेज धमाके से सहम गए लोग प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बुधवार शाम ठीक उस समय हुआ जब मस्जिद के भीतर नमाज अदा की जा रही थी। अचानक चौक बाजार का पूरा इलाका एक बेहद तेज और डरावने धमाके जैसी आवाज से गूंज उठा। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के दुकानदार और राहगीर सहम गए और तुरंत मस्जिद की ओर दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि ऐतिहासिक इमारत के मुख्य गुंबद का ऊपरी हिस्सा टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसका सारा मलबा मस्जिद की छत पर बिखरा पड़ा था। मस्जिद के पास ही दुकान चलाने वाले स्थानीय व्यवसाई और प्रत्यक्षदर्शी सचिन अग्रवाल ने बताया कि धमाके की आवाज सुनते ही पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि, ईश्वर की कृपा रही कि नमाज पढ़ रहे सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और मलबे की जद में कोई नहीं आया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने इस हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दीं, जो देखते ही देखते वायरल हो गईं। तीन दिनों की मूसलाधार बारिश बनी मुख्य वजह मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। स्थानीय नागरिकों और जानकारों का मानना है कि इमारत काफी प्राचीन है और लगातार पानी रिसने (सीपेज) के कारण गुंबद की संरचना अंदरूनी रूप से कमजोर हो गई होगी, जिसके चलते वह दबाव नहीं झेल सकी और ढह गई। इस संवेदनशील मामले पर फिलहाल जामा मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों ने कैमरे के सामने किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है। मस्जिद सूत्रों का कहना है कि प्राथमिक रूप से गुंबद का भारी प्लास्टर टूटकर गिरा है। अब संबंधित तकनीकी विभाग की गहन जांच के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि नुकसान सिर्फ बाहरी प्लास्टर को हुआ है या फिर सदियों पुरानी इस ऐतिहासिक इमारत के मुख्य ऊंचे ढांचे (स्ट्रक्चर) को भी कोई आंतरिक नुकसान पहुंचा है। इस हादसे के बाद मथुरा के प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चौक बाजार और आसपास के पुराने इलाकों में स्थित सभी ऐतिहासिक एवं प्राचीन जर्जर इमारतों का समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण (Structural Audit) जरूर कराया जाए, ताकि भविष्य में मानसून के दौरान ऐसे किसी भी संभावित जानलेवा हादसे को वक्त रहते रोका जा सके। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: PM Modi in Australia: ‘ऑस्ट्रेलियनसुपर’ भारत में करेगा 500 मिलियन डॉलर का बड़ा निवेश; PM मोदी ने किया फैसले का स्वागत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]