यूनिक समय, मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमानगढ़ी और जामा मस्जिद को लेकर दिए गए हालिया बयान के बाद प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। इस बयान की तपिश अब सीधे तौर पर कृष्ण नगरी मथुरा में महसूस की जा रही है, जहां मंगलवार को शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे बेहद संवेदनशील और विवादित होर्डिंग्स ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मथुरा के गोवर्धन चौराहा और एफसीआई (FCI) गोदाम के पास सपा और कांग्रेस को निशाना बनाते हुए ये होर्डिंग्स लगाए गए थे, जिनकी जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भारी आक्रोश में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने होर्डिंग्स को फाड़कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। होर्डिंग्स में तीखे नारे मंगलवार सुबह जब स्थानीय लोग और राहगीर अपने घरों से बाहर निकले, तो वे गोवर्धन चौराहा और एफसीआई गोदाम के पास लगे विशालकाय होर्डिंग्स को देखकर चौंक गए। इन होर्डिंग्स पर बेहद तीखे और सीधे राजनीतिक हमले किए गए थे, जिन पर लिखा था— "सपा-कांग्रेस ने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का पाप किया" और "दिल में बाबर, मुंह में राम"। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव की तस्वीरें लगाई गई थीं। इसके साथ ही अखिलेश यादव के उस पुराने बयान का प्रमुखता से जिक्र किया गया था, जिसमें उन्होंने अयोध्या में रात के अंधेरे में मूर्तियां रखे जाने की बात कही थी। इन दावों को सच साबित करने के लिए होर्डिंग्स पर कुछ पुराने अखबारों और टीवी चैनलों की खबरों की कटिंग्स को भी लगाया गया था। प्रो. रामगोपाल यादव के बयानों को भी पोस्टर में किया उजागर सपा और कांग्रेस को घेरने के लिए लगाए गए इन होर्डिंग्स में केवल अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव के एक पुराने बयान को भी निशाना बनाया गया। पोस्टर पर लिखा था— "जिन्हें आप रामलला कहते हैं, क्या वह मस्जिद में अवैध कब्जेदार नहीं थे?" इस दावे के समर्थन में भी मीडिया रिपोर्ट्स की कटिंग्स को होर्डिंग पर चस्पा किया गया था, जिसका उद्देश्य विपक्षी दलों की हिंदू विरोधी छवि को जनता के सामने पेश करना था। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DaxGWaoFBLR/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] सपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर उतारे पोस्टर जैसे ही शहर के सबसे व्यस्त गोवर्धन चौराहा और अन्य संवेदनशील स्थानों पर इन विवादित होर्डिंग्स के लगे होने की सूचना समाजवादी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों को मिली, दर्जनों कार्यकर्ता और नेता तुरंत घटना स्थल पर एकत्र हो गए। बेहद आक्रोशित सपा कार्यकर्ताओं ने बिना समय गंवाए होर्डिंग्स पर चढ़कर विवादित पोस्टरों को फाड़ डाला और उन्हें वहां से पूरी तरह हटा दिया। मौके पर मौजूद सपा नेताओं ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी चुनावों में अपनी निश्चित हार को देखते हुए भाजपा एक बार फिर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और हिंदू-मुस्लिम की घटिया राजनीति पर उतर आई है। सपा नेताओं का कहना है कि राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी घोटाले और क्षेत्र की बदहाल बुनियादी सुविधाओं जैसे असली जनहित के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सुनियोजित तरीके से यह घिनौनी साजिश रची गई है। फिलहाल इस घटना के बाद से पूरे मथुरा शहर में राजनीतिक सरगर्मी और तनाव का माहौल बना हुआ है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: पहाड़ों की बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा यमुना का जलस्तर; केशीघाट की 7 सीढ़ियां डूबीं ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]