यूनिक समय, नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप (साउथ आइलैंड) के पश्चिमी तट पर गुरुवार को आए रिक्टर पैमाने पर 5.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने देश में हड़कंप मचा दिया है। भूकंप के इन तेज झटकों के तुरंत बाद सरकार और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में सुनामी का बेहद गंभीर अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के निवासियों, मछुआरों और पर्यटकों से तुरंत समुद्र तटों को खाली कर सुरक्षित व ऊंचाई वाले स्थानों पर शरण लेने की पुरजोर अपील की है। 76 किलोमीटर गहराई में था भूकंप का केंद्र अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) द्वारा साझा की गई वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र न्यूजीलैंड के खूबसूरत 'ते अनाउ' (Te Anau) शहर से करीब 42 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पश्चिम में जमीन के भीतर दर्ज किया गया। यह भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर के आसपास आया, जिसकी गहराई जमीन से लगभग 76.4 किलोमीटर नीचे थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि भूकंप के तुरंत बाद अभी तक किसी भी बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान या किसी नागरिक के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी का कड़ा निर्देश भूकंप की तीव्रता और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने बिना वक्त गंवाए एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रभावित और निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोग बिना किसी देरी के तुरंत 'सुनामी निकासी क्षेत्र' (Tsunami Evacuation Zone) से बाहर निकल जाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी ऊंचे स्थानों पर चले जाएं या जितना संभव हो सके, समुद्र तट से दूर अंदरूनी मुख्य मैदानी इलाकों की ओर शरण लें। नागरिक सुरक्षा विभाग ने जारी की गाइडलाइन न्यूजीलैंड के नागरिक सुरक्षा विभाग ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर स्थिति की गंभीरता को बयां किया है। विभाग ने बताया कि फियोर्डलैंड के पास स्थानीय समयानुसार रात 9 बजकर 14 मिनट पर आए इस 5.9 तीव्रता के भूकंप के बाद न्यूजीलैंड के विभिन्न तटीय हिस्सों में बेहद तेज और असामान्य समुद्री लहरें उठ सकती हैं। इसके साथ ही तटों पर अचानक पानी का स्तर बेहद तेजी से बढ़ने जैसी खतरनाक स्थितियां पैदा हो सकती हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि समुद्र में उठने वाली ये अप्रत्याशित और तेज लहरें तट पर मौजूद लोगों को घायल कर सकती हैं और अपने साथ बहाकर गहरे पानी में डुबो सकती हैं। यह स्थिति पानी में मौजूद तैराकों, सर्फिंग करने वालों, मछुआरों और समुद्री जहाजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासनिक सलाह बचाव और सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, समुद्र के अंदर, समुद्र तट के पास या किनारों पर मौजूद सभी लोगों को तुरंत पानी से बाहर निकलने तथा बंदरगाहों, नाव खड़े करने वाले स्थानों (डॉक्स), नदियों और नदी के मुहानों से पूरी तरह दूरी बना लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, समुद्र में नावों या जहाजों पर मौजूद लोगों और उनके रखरखाव में लगे कर्मियों को अपने जहाजों को तुरंत सुरक्षित बांधकर किनारे पर चले जाने और स्थानीय अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बिना नावों पर वापस न लौटने की सख्त हिदायत दी गई है। अंत में, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भूकंप और सुनामी की लहरों के कारण तट के पास के मैदानी इलाकों में पानी भरने यानी बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका फिलहाल काफी कम है, फिर भी एहतियात बरतना बेहद जरूरी है और जब तक स्थानीय नागरिक सुरक्षा अधिकारी सीधे तौर पर निर्देश न दें, तब तक तटीय इलाकों के अलावा अन्य भीतरी क्षेत्रों को खाली करने की कोई आवश्यकता नहीं है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Ramayan एक्टर आदिनाथ कोठारे ने शादी के 15 साल बाद पत्नी उर्मिला से अलग होने का किया आधिकारिक ऐलान ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]