यूनिक समय, मथुरा। मथुरा और वृंदावन के शहरी विकास तथा आधुनिकीकरण की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत दोनों धार्मिक नगरों की लगभग 29 प्रमुख आवासीय सोसायटियों में रहने वाले परिवारों को अब अपने घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन अनिवार्य रूप से सरेंडर करने होंगे। इस महत्वपूर्ण निर्णय की आधिकारिक जानकारी देते हुए आपूर्ति विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी (एआरओ) फूल सिंह यादव ने दोपहर दो बजे बताया कि इन सभी चिन्हित क्षेत्रों में टोरेंट और गेल (GAIL) जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। जिन प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में इस नई व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जा रहा है, उनमें मुख्य रूप से राधा पुरम, राधा वैली, पुष्पांजलि उपवन, बैकुंठ विहार, केशव कुंज, अशोका सिटी और कृष्णा ऑर्चर्ड जैसी वीआईपी कॉलोनियों सहित कुल 29 बड़ी सोसायटियां शामिल हैं, जहाँ घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से सुरक्षित रसोई गैस की सुविधा पहले से ही सफलतापूर्वक काम कर रही है। सहायक क्षेत्रीय अधिकारी फूल सिंह यादव ने इस संबंध में विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि पाइप्ड नेचुरल गैस प्रणाली पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों की तुलना में बेहद सुरक्षित, अत्यधिक सुविधाजनक और निरंतर चौबीसों घंटे गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने वाली आधुनिक तकनीक है। उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि पीएनजी प्रणाली के लागू होने से उपभोक्ताओं को हर महीने गैस सिलेंडर की एडवांस बुकिंग कराने, समय पर डिलीवरी न होने की चिंता और भारी-भरकम सिलेंडरों के रखरखाव जैसी तमाम रोजमर्रा की दिक्कतों से हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल जाती है। प्रशासनिक नियमों के अनुसार, जिन विकसित आवासीय क्षेत्रों में पीएनजी की लाइनें बिछ चुकी हैं और घरेलू कनेक्शन सक्रिय हैं, वहाँ समानांतर रूप से एलपीजी कनेक्शन बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है और नियमों के तहत दो तरह के कनेक्शन एक साथ नहीं रखे जा सकते। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की किसी भी तरह की आशंका को खारिज करते हुए साफ किया है कि वर्तमान में पूरे जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने इन सभी 29 सोसायटियों में रहने वाले सम्मानित नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी कानूनी या प्रशासनिक असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपने पुराने घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन को संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर सरेंडर कर दें। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल शहरी क्षेत्रों में एक सुरक्षित, आधुनिक और सुव्यवस्थित गैस वितरण प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे हादसों की आशंका भी न्यूनतम हो जाएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: New Zealand Earthquake: न्यूजीलैंड में 6.3 की तीव्रता के भूकंप से कांपी धरती; तटीय इलाकों में सुनामी का हाई अलर्ट जारी ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]