यूनिक समय, मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र में 24 जुलाई को राजस्थान रोडवेज की बस से हुई सनसनीखेज सोना लूट की वारदात का मथुरा पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने राजस्थान रोडवेज के एक पूर्व संविदा चालक समेत कुल चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 650 ग्राम सोना बरामद किया है। मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब पीड़ित द्वारा शिकायत में दर्ज कराए गए सोने से अधिक मात्रा में सोना पुलिस को बरामद हुआ, जिसके बाद अब इस पूरे प्रकरण की जांच आयकर विभाग (Income Tax) को भी सौंपी जा रही है। 24 जुलाई को हुई थी लूट की वारदात घटनाक्रम के अनुसार, गत 24 जुलाई को थाना हाईवे क्षेत्र अंतर्गत गोवर्धन चौराहे के पास कोरियर कंपनी का कर्मचारी गौरव सोने से भरा पैकेट लेकर बस द्वारा दिल्ली जा रहा था। वह जैसे ही राजस्थान रोडवेज की बस में बैठा, पहले से घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उसका बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित की सूचना पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की। CCTV फुटेज और 5 टीमों की मशक्कत से मिला सुराग वारदात को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने हाईवे थाना, रिफाइनरी थाना, फरह थाना, स्वाट (SWAT) और एसओजी (SOG) समेत पुलिस की 5 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने 10 दिनों तक लगातार मेहनत करते हुए 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार मुख्य साजिशकर्ता तक पहुँचने में कामयाब रही। दिल्ली में रची गई थी पूरी साजिश जांच में सामने आया कि लूट की पूरी पटकथा दिल्ली में लिखी गई थी। मुख्य आरोपी उपेंद्र (निवासी रतनपुर, धौलपुर, राजस्थान) पहले राजस्थान रोडवेज में संविदा चालक रह चुका था। दो साल पहले नौकरी छोड़ने के बाद वह दिल्ली में टैक्सी चलाने लगा। वहां उसके साथ आगरा निवासी अभिषेक व विष्णु और मुरैना (एम.पी.) निवासी संदीप किराये का कमरा लेकर रहते थे। उपेंद्र को रोडवेज में नौकरी के दौरान यह भली-भांति पता था कि मथुरा से बसों के जरिए सोना दिल्ली भेजा जाता है। उसे यह सटीक जानकारी भी थी कि संबंधित बस का जीपीएस (GPS) खराब है। इसी तकनीकी खामी और अपनी पुरानी जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने तीनों साथियों के साथ मिलकर इस बड़ी लूट को अंजाम दिया। पीड़ित ने बताया 550 ग्राम, बरामद हुआ 650 ग्राम सोना एसएसपी श्लोक कुमार ने प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित ने एफआईआर में 550 ग्राम सोना लूटे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के पास से 650 ग्राम सोना बरामद किया है। अजीबो-गरीब बात यह है कि पीड़ित अब तक पुलिस को इस 100 ग्राम अतिरिक्त सोने का हिसाब नहीं दे पाया है और न ही सोने के कोई वैध बिल या दस्तावेज पेश कर सका है। सोने के स्रोत का स्पष्ट प्रमाण न मिलने के कारण पुलिस अब इस पूरे मामले की औपचारिक जानकारी आयकर विभाग (Income Tax Department) को भेजने जा रही है। पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता उपेंद्र के अलावा उसके साथी अभिषेक, विष्णु और संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 10 दिनों के भीतर इस पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मामले का सफल अनावरण करने वाली संयुक्त पुलिस टीम को एसएसपी द्वारा 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: अगस्त के पहले दिन कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹192 हुआ सस्ता; ATF के दामों में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]