यूनिक समय, मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम शहर को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक नई और तकनीकी पहल करने जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार देर रात करीब 9 बजे नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय परिसर में नालियों पर लगाए जाने वाले आधुनिक एफआरपी (फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक) कवर के नमूनों का गहन निरीक्षण किया। गुणवत्ता और मजबूती का किया बारीकी से परीक्षण निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने एफआरपी कवर की गुणवत्ता, मजबूती, भार सहने की क्षमता और उनकी उपयोगिता का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद निर्माण विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि विकास कार्यों में केवल उच्च मानकों वाली सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। चरणबद्ध तरीके से लगेंगे एफआरपी कवर नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने और नालियों के रखरखाव को सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि ये एफआरपी कवर परीक्षण और सभी गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं, तो इन्हें चरणबद्ध तरीके से शहर की प्रमुख नालियों और व्यस्त मार्गों पर लगाया जाएगा। इससे नालियों की जल निकासी व्यवस्था सुचारू होगी और सफाई कर्मचारियों को नियमित रूप से कचरा निकालने में काफी सहूलियत मिलेगी। सीमेंट स्लैब की तुलना में बेहद हल्के नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में शहर में ज्यादातर स्थानों पर भारी सीमेंट के स्लैब (पाटे) इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिन्हें हटाने और लगाने में काफी श्रम और समय लगता है। भारी होने के कारण सफाई के दौरान सीमेंट स्लैब अक्सर टूट जाते हैं, जिससे नगर निगम को बार-बार मरम्मत पर अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ता है। इसके विपरीत, एफआरपी (FRP) कवर वजन में सीमेंट स्लैब से काफी हल्के लेकिन अत्यधिक मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनमें जंग नहीं लगती, पानी व मौसम का असर नहीं होता और इन्हें आसानी से हटाकर दोबारा लगाया जा सकता है, साथ ही इनका बेहतर लुक शहर के सौंदर्यीकरण में भी योगदान देगा। नागरिक सुविधाओं और स्थायी समाधान पर जोर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने कहा कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मथुरा-वृंदावन के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में शहर की आधारभूत अवसंरचना को मजबूत करने और जलभराव जैसी पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: ₹2000 से अधिक के UPI लेनदेन पर लग सकता है शुल्क; मर्चेंट भुगतान पर 0.40% तक MDR वसूलने की तैयारी में सरकार ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]