यूनिक समय, वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में इस बार हरियाली तीज का पावन पर्व बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन ही हरियाली तीज पड़ने का दुर्लभ संयोग 79 साल बाद बन रहा है। इस पावन अवसर पर ठाकुर बांके बिहारी जी अपने अलौकिक स्वर्ण-रजत (सोने-चांदी) हिंडोले में विराजमान होकर लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। आजादी के वर्ष 1947 में मिला था यह ऐतिहासिक हिंडोला इस दिव्य हिंडोले का इतिहास भारत की आजादी से जुड़ा है। बेरीवाला परिवार ने 15 अगस्त 1947 को यह हिंडोला मंदिर को समर्पित किया था, और 19 अगस्त 1947 को हरियाली तीज के दिन ठाकुर बांके बिहारी जी पहली बार इसमें विराजे थे। तब से परंपरा अनुसार वर्ष में केवल एक बार हरियाली तीज पर ही ठाकुरजी इस हिंडोले में दर्शन देते हैं। 1 लाख तोला चांदी और 10 हजार तोला सोने से निर्मित इस अद्भुत हिंडोले को बनाने में करीब 1 लाख तोला चांदी और 10 हजार तोला सोने का इस्तेमाल किया गया है। शीशम, साल और सागवान की मजबूत लकड़ी के ढांचे पर बने इस हिंडोले को बनारस के 20 कारीगरों ने 5 साल की अथक मेहनत से तैयार किया था। इसमें नाचते हुए मयूर, घुमावदार सीढ़ियां, मनमोहक बेलबूटे और ललिता, विशाखा, चित्रलेखा व रंगदेवी सखियों की आदमकद मूर्तियां उकेरी गई हैं। 22 दिनों में हुई नई स्वर्ण पॉलिश हिंडोले के कुल 125 अलग-अलग हिस्से हैं, जिन्हें सुरक्षा के साथ रखा जाता है। 79 वर्षों में पहली बार इस बार हिंडोले की स्वर्ण पॉलिश कराई गई है। दिल्ली से आए 10 विशेष कारीगरों की टीम ने लगातार 22 दिनों तक मेहनत करके इसे एक बार फिर नई स्वर्णिम आभा से निखार दिया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हरियाली तीज पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एसएसपी श्लोक कुमार के नेतृत्व में वृंदावन को 4 जोन और 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी, फ्लड पीएसी, बम निरोधक दस्ता और सादा कपड़ों में पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए दूसरे जिलों से 100 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। प्रवेश व निकास नियमों के अनुसार विद्यापीठ की ओर से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर 3 से और जुगलघाट की ओर से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर 2 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। वहीं दर्शन के बाद बाहर निकलने के लिए गेट नंबर 1 और 4 तय किए गए हैं। गेट नंबर 5 से सामान्य श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा और यह मार्ग केवल मंदिर सेवायतों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि सनेह बिहारी मंदिर की ओर से भी श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: सुरीर यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का कहर; टायर फटने से पलटी थार कार, 7 लोग घायल ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]