यूनिक समय, नई दिल्ली। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थी रांची की सड़कों पर जोरदार आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ झारखंड हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे चयनित अभ्यर्थी राज्य सरकार द्वारा 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार के रद्दीकरण के आदेश पर स्टे लगा दिया है। इस मामले में चयनित JAS अधिकारी सूर्य प्रकाश कुजूर ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि देर रात करीब 12:30 बजे नोटिस मिलने पर वे पूरी तरह टूट गए थे। सात महीने की नौकरी करने के बाद अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने से अब सफल अभ्यर्थियों के सामने जीवन का गहरा संकट खड़ा हो गया है। CGL परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन जारी रांची में JSSC-CGL परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा, जहाँ सरकार से नियुक्ति रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर दिखा। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने सांकेतिक रूप से गले में फंदा डालकर अपना विरोध जताया और कहा कि यदि सरकार उन्हें नौकरी नहीं दे सकती, तो सीधे फांसी ही दे दे। अपनी मांगों को लेकर अड़े चयनित अभ्यर्थी झारखंड सचिवालय परिसर तक पहुँच गए, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार का बड़ा फैसला झारखंड में पिछले 25 दिनों से चल रहे व्यापक छात्र आंदोलन और जन दबाव के बाद राज्य सरकार ने कुल 45 परीक्षाओं पर बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने विवादों के बीच 22 आयोजित परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि आगामी 6 परीक्षाओं के आयोजन को फिलहाल टाल दिया गया है। इसके अलावा धांधली और अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए 17 परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। एक तरफ जहां धांधली के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्र इसे अपनी जीत मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईमानदारी से परीक्षा पास कर चुके चयनित अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर अपने भविष्य की गुहार लगा रहे हैं, जिससे सरकार के सामने अब इस विवाद को सुलझाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Sajjan Kumar Dies: 1984 सिख दंगे के दोषी सज्जन कुमार का निधन; तिहाड़ जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]