Tue, Sep 1st, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

NEET पेपर लीक प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का दिया आदेश

by Tarun Bhardwaj • September 1, 2026
Supreme Court orders the quashing of all FIRs registered against protesting students

NEET पेपर लीक प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का दिया आदेश

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों (FIR) को रद्द करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन प्रदर्शनों को लेकर अब छात्रों के खिलाफ कोई नई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी।

अपराधिक रिकॉर्ड वालों पर जारी रहेगी जांच

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में जुलाई माह के दौरान हुए आंदोलनों में से केवल उन 2,873 लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाएगी, जिनका पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए निर्देश दिया कि राज्यों में इस आंदोलन से जुड़ी अन्य सभी एफआईआर (FIR) पर जांच तुरंत प्रभाव से बंद की जाए। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य में ऐसी कोई एफआईआर लंबित है जिसकी जानकारी अभी अदालत के सामने नहीं आई है, तो संबंधित राज्य सरकारें उसे रद्द करने की मांग का विरोध नहीं करेंगी। इसके अलावा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले निर्दोष छात्रों पर भविष्य में कोई भी नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

पीड़ित परिवारों के मुआवजे पर बनेगी नीति

परीक्षा से जुड़े तनाव और घटनाक्रम के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को राहत देने के मुद्दे पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि नीट (NEET) परीक्षा के चलते जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए 3 महीने के भीतर एक ठोस नीति तैयार की जाए। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नीति बनते ही तय राशि का भुगतान समयबद्ध तरीके से पीड़ित परिवारों को सुनिश्चित किया जाएगा।

CJP ने 5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च लिया वापस

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले और सरकार के सकारात्मक रुख के बाद आंदोलनकारी संगठन सीजेपी (CJP) ने अपने आगामी प्रदर्शन को स्थगित करने की घोषणा की है।

अदालत में सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने बयान देते हुए कहा कि न्यायिक आदेश और सरकार से मिले आश्वासन को देखते हुए संगठन 5 सितंबर को आयोजित होने वाले देशव्यापी मार्च के आह्वान को वापस लेता है। उन्होंने अदालत और सॉलिसिटर जनरल के प्रयासों का आभार भी जताया।

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विश्वास दिखाएं, तो बड़ी से बड़ी जटिल समस्या का समाधान भी खुले दिमाग से की गई चर्चा के जरिए निकाला जा सकता है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: छाता शुगर मिल: पुलिस कार्रवाई से भड़का जनाक्रोश; मुकदमों की धमकियों के बीच दर्जनों किसानों ने घेरा धरना स्थल

ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे  WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

मथुरा में छाता शुगर मिल आंदोलन में पुलिस कार्रवाई से भड़का जनाक्रोश SCO शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी का कड़ा संदेश पीएम नरेंद्र मोदी ने 7.8% GDP ग्रोथ के बीच देशवासियों से की अपील श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर नगर आयुक्त ने देर रात व्यवस्थाओं का लिया जायजा बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ का महा-धमाका दिल्ली में 16 वर्षीय छात्रा से चलती स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म मथुरा में सपा नेता अनिल अग्रवाल पर दर्ज मुकदमे के खिलाफ सड़कों पर उतरे सपाई ‘जतीपुरा ग्वाल मंगला’ पर चित्र-विचित्र जी महाराज के निवास पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन