यूनिक समय, लखनऊ। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया है। पति की नृशंस हत्या कर उसके शव के 15 टुकड़े नीले ड्रम में छिपाने के मामले में आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को अदालत ने दोषी करार दिया है। यह ऐतिहासिक फैसला जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सुनाया। कोर्ट द्वारा दोषियों को दी जाने वाली सजा का ऐलान 14 अक्टूबर को किया जाएगा। फैसला आने के बाद मृतक सौरभ राजपूत के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी (मृत्युदंड) की मांग की है। 13 महीने तक चली बहस, 22 गवाहों के दर्ज हुए बयान इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में बहुत मजबूत पैरवी की गई। मामले की ट्रायल और सुनवाई की बात करें तो जुलाई 2025 में जिला जज की कोर्ट में ट्रायल शुरू होने के बाद लगभग 13 महीने तक अदालत में तीखी बहस चली। केस की सुनवाई के दौरान कुल 126 तारीखें पड़ीं, जिनमें 22 से अधिक महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए गए। वहीं दोषियों के सरकारी अधिवक्ता अभिषेक चौरसिया के अनुसार, केस में सभी साक्ष्य काफी मजबूत थे, जबकि बचाव पक्ष ने मुस्कान की मासूम बेटी का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की मांग रखी है। जेल में शिवजी की पूजा कर रही थी मुस्कान फैसले के दिन दोनों आरोपियों ने सुरक्षा कारणों से जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए अदालती कार्रवाई में शामिल होने का अनुरोध किया था। जेल सूत्रों के अनुसार, फैसला आने से पहले दोनों आरोपी काफी बेचैन और शांत थे। मुस्कान जहां जेल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना में लगी हुई थी, वहीं साहिल ने अन्य बंदियों से बातचीत करना पूरी तरह बंद कर दिया था। हत्या से लेकर सजा तक का पूरा घटनाक्रम 3 मार्च 2025 को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद के घटनाक्रम ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। घटनाक्रम के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की साजिश के तहत हत्या कर दी। अगले ही दिन, 4 मार्च को कत्ल के साक्ष्य मिटाने की नीयत से आरोपियों ने सौरभ के शव के 15 टुकड़े किए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर सील कर दिया। इसके बाद, 5 मार्च को वारदात को अंजाम देने के बाद बेखौफ होकर मुस्कान और साहिल शिमला घूमने निकल गए। मामले की जांच में जुटी पुलिस को 16 मार्च 2025 को कत्ल के पुख्ता सबूत हाथ लगे। इसके ठीक अगले दिन, 17 मार्च को पुलिस ने घर में रखे नीले ड्रम से सौरभ का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। अंततः 19 मार्च 2025 को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पीड़ित परिवार की एक ही मांग— 'मिले फांसी की सजा' सौरभ के परिजनों ने अदालत द्वारा दोनों को दोषी ठहराए जाने पर संतोष व्यक्त किया है, हालांकि उनका कहना है कि जिस बर्बरता से सौरभ की जान ली गई, उसके लिए मुस्कान और साहिल दोनों को केवल फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए। अब हर किसी की निगाहें 14 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अदालत इस जघन्य अपराध पर अपना अंतिम फैसला सुनाएगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: मोदी कैबिनेट का किसानों को बड़ा तोहफा; रबी फसलों के MSP में भारी बढ़ोतरी, अश्विनी वैष्णव ने नए दामों का किया ऐलान ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]