यूनिक समय, नई दिल्ली। राजधानी में पहली बार आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान तकनीक, डेटा, इनोवेशन और वैश्विक विकास पर बड़ा विजन सामने रखा। तीन दिवसीय इस फोरम की थीम 'बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना' है। पीएम मोदी ने अपने 25 मिनट के संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आज असली सवाल यह नहीं है कि ताकत किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका उपयोग किस तरह किया जा रहा है। "भारत ने दुनिया को शून्य दिया, कभी श्रेय नहीं मांगा" ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' में पीएम मोदी ने दुनिया भर में भारत के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि सस्ती दवाओं से लेकर प्रतिभा तक, आज पूरी दुनिया भारत पर भरोसा करती है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को शून्य दिया, लेकिन कभी इसका श्रेय या रॉयल्टी नहीं मांगी। देश की ताकत हमेशा दूसरों को सक्षम बनाने में रही है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को सिस्टम पर निर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत और सशक्त करना होना चाहिए। इसी सोच के तहत भारत ने पिछले दस वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से रेखा से बाहर निकाला है, जो कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा है। भारत- लोकतंत्र की जननी देश की लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं, करीब 80,000 रजिस्टर्ड अखबार व प्रकाशन हैं और 1000 से ज्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल सक्रिय हैं। इसके अलावा, देश में 50 करोड़ से अधिक यूट्यूब और इंस्टाग्राम यूजर्स हैं, जो विभिन्न मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श करते हैं। [embedpress]https://x.com/AHindinews/status/2109873611884679563?s=20[/embedpress] AI का उपयोग मानवता और प्रकृति के हित में भारत में हाल ही में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट' की सराहना करते हुए पीएम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि मानवता और जानवरों के हित में किस तरह किया जाए, इस पर व्यापक चर्चा हुई है। भारत की क्षमता जितनी बढ़ेगी, उसका लाभ पूरी दुनिया को मिलेगा। जलवायु परिवर्तन पर तय समय से पहले लक्ष्य हासिल पर्यावरण और जलवायु संरक्षण के मोर्चे पर भारत की उपलब्धि का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि देश ने पेरिस समझौते के तहत 2030 तक कुल बिजली क्षमता का 40% हिस्सा नॉन-फॉसिल फ्यूज सोर्स से हासिल करने का लक्ष्य रखा था। भारत ने नवंबर 2021 में ही यानी तय समय से 9 साल पहले इस लक्ष्य को पूरा कर लिया और यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला G20 देश बना। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: अभिनेत्री आकृति अग्रवाल और क्रिकेटर पृथ्वी शॉ ने सगाई टूटने की अटकलों पर लगाया विराम; दिया नई शुरुआत का संकेत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]