यूनिक समय, मथुरा। मथुरा में आयोजित 'अग्र महोत्सव' के आखिरी दिन गुरुवार रात उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रसिद्ध गायिका पलक मुच्छल तय कार्यक्रम के बावजूद परफॉर्मेंस देने नहीं पहुंचीं। कार्यक्रम रद्द होने से नाराज फैंस ने बीएसए कॉलेज ग्राउंड में जमकर हूटिंग की और करीब दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंततः पुलिस बुलानी पड़ी। 7 बजे से जुटना शुरू हुए थे फैंस मथुरा में 13 अक्टूबर से शुरू हुए अग्र महोत्सव के 15 अक्टूबर को समापन के अवसर पर पलक मुच्छल का लाइव शो देखने के लिए शाम 7 बजे से ही फैंस अपने परिवार और दोस्तों के साथ बीएसए कॉलेज ग्राउंड पहुंचने लगे थे, जहां रात 8 बजे तक पूरा पंडाल खचाखच भर चुका था, लेकिन रात 9 बजे शुरू होने वाले इस शो में जब रात 10 बजे तक भी पलक मंच पर नहीं आईं, तो लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी और दर्शक अपनी सीटों से उठकर मंच के पास पहुंचकर आयोजकों से पूछने लगे कि पलक कब आएंगी, जिसके जवाब में आयोजकों ने माइक से अनाउंस कर थोड़ा और इंतजार करने की बात कही। लेकिन जब रात 11 बजे तक भी वह नहीं पहुंचीं, तो भीड़ बेकाबू हो गई और पंडाल में जबरदस्त हूटिंग शुरू हो गई। जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा और नाराज फैंस ने इसे अपने साथ धोखा बताया। पुलिस बल को करना पड़ा हस्तक्षेप बिगड़ते हालात को देख आयोजकों ने मंच से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब दर्शक शांत होने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस बुलानी पड़ी, जिसने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद दर्शक ग्राउंड से बाहर निकले, जबकि शो देखने दूर-दूर से पहुंचे दर्शकों (जैसे राघव गोयल और अन्य महिलाओं) ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी, जिससे उनका कीमती समय बर्बाद हुआ और यदि पलक की बुकिंग नहीं हुई थी, तो आयोजकों को बुकिंग के दस्तावेज दिखाने चाहिए। आयोजकों ने बताया धोखा श्री अग्रवाल सभा के पदाधिकारी और महोत्सव के आयोजक जयंती अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पलक मुच्छल की टीम के साथ शो की पूरी बुकिंग और औपचारिकताएं तय थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि "पलक मुच्छल ने हमारे साथ धोखा किया है, वह तय समय पर नहीं पहुंचीं, इसलिए हम उनके खिलाफ लीगल एक्शन (कानूनी कार्रवाई) लेंगे।" गायिका पलक मुच्छल ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद गायिका पलक मुच्छल ने इंस्टाग्राम पर अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कभी भी उस जगह पर प्रस्तुति नहीं देती हैं जहां दर्शकों के बैठने की जगह पर खाना परोसा जा रहा हो या लोग खाना खा रहे हों। उनके अनुसार, इस शर्त की जानकारी आयोजकों को पहले ही दी जा चुकी थी और यह लिखित समझौते (Agreement) का भी हिस्सा था। इसके बावजूद मौके पर खाने के स्टॉल चालू रखे गए और खाना परोसा जाता रहा, जिसके चलते उन्होंने मंच पर न जाने का फैसला किया। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: वृंदावन में 23 अक्टूबर से शुरू होगा 14 दिवसीय भव्य श्री रामलीला महोत्सव; रंगनाथ मंदिर के मैदान में हुआ भूमि पूजन ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]