यूनिक समय, नई दिल्ली। ब्राजील में राष्ट्रपति पद के चुनावों के आए परिणामों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर ली है। 80 वर्ष की आयु में लूला चौथी बार देश की कमान संभालेंगे और आगामी 5 जनवरी, 2027 को आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण कर सकते हैं। निर्वाचन न्यायालय द्वारा 100 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने की घोषणा के बाद सामने आया कि लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर करीब 44 लाख वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए कुल मतों का 51.8 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त किया है। इस जीत के साथ ही लूला ब्राजील के इतिहास में राष्ट्रपति पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेताओं में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जिनसे आगे केवल गेटुलियो वर्गास हैं। यह चुनावी मुकाबला ऐसे समय में संपन्न हुआ जब देश में महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, अपराध और भ्रष्टाचार मुख्य चुनावी मुद्दे बने हुए थे। फ्लेवियो बोल्सोनारो द्वारा परिणामों को चुनौती लूला डा सिल्वा की इस सत्ता वापसी की राह में कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। चुनाव के दूसरे चरण में हार का सामना करने वाले उम्मीदवार और सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो ने आधिकारिक रूप से चुनाव परिणामों को चुनौती दे दी है। बोल्सोनारो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि मतदान का समय बढ़ाए जाने के कारण चुनाव प्रक्रिया के दौरान भारी अव्यवस्था फैली। उन्होंने घोषणा की है कि वह इस चुनाव को रद्द कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे, हालांकि इस मांग के समर्थन में उनके कानूनी विकल्पों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इस घटनाक्रम से देश की दो प्रमुख ध्रुवीकृत राजनीतिक शक्तियों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया ब्राजील के इन चुनावी परिणामों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। मिसीसिपी में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने लूला दा सिल्वा की जीत को संशय की नजर से देखा और इसे एक प्रकार की धांधली करार दिया। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनाव ऐसे होने चाहिए जिनके निष्पक्ष होने पर किसी प्रकार का सवाल न उठे, लेकिन ब्राजील के चुनाव में मतगणना के तरीकों और व्यवस्थाओं ने गंभीर संदेह पैदा किए हैं। उल्लेखनीय है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा पूर्व में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं, जिसके कारण इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर वैश्विक स्तर पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: IND vs NZ 3rd T20: अभिषेक शर्मा के तूफानी शतक से न्यूजीलैंड धराशायी; भारत ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाई ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]