यूनिक समय, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कुल 22 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में राज्य के पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने, जल परिवहन को व्यवस्थित करने तथा औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार के इन निर्णयों से प्रदेश के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बड़े फैसले शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बड़े फैसलों के तहत योगी कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। इसके अंतर्गत राज्य के अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों के 48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें सरकार प्रत्येक कर्मचारी के बीमा प्रीमियम के लिए ₹3,000 वहन करेगी और इससे कर्मचारियों व उनके परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा बेसिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, लिपिकों और अन्य संवर्गों के 1.22 लाख से अधिक कर्मचारियों को भी इसी तरह की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त होगा। साथ ही मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। बुनियादी ढांचा और चार नए लिंक एक्सप्रेसवे बुनियादी ढांचा और चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के अंतर्गत प्रदेश में कनेक्टिविटी और परिवहन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यूपीडा के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। इस निर्णय के तहत इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मोड पर चार नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (लगभग 90 किमी), आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे (106 किमी) और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (74 किमी) शामिल हैं। इन चारों परियोजनाओं को आगामी तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिन पर कुल ₹17,542 करोड़ की लागत आएगी, और निर्माण करने वाली कंपनियों को ही अगले पांच साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। पशुपालन और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा पशुपालन और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लाई गई हैं। इसके तहत पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक गाय पालने पर ₹50,000 का अनुदान देने का प्रावधान किया गया है, और साथ ही पशु बीमा की कुल लागत का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी जबकि शेष 15 प्रतिशत हिस्सा किसान को देना होगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश को दूध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर बनाए रखते हुए प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक दूध उत्पादन पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल परिवहन और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय जल परिवहन और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के तहत उत्तर प्रदेश में जल परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गंगा और यमुना सहित 11 नदियों पर काम किया जाएगा। इसके लिए परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में 'इनलैंड वाटर अथॉरिटी' का गठन किया जाएगा, जिसमें नावों के पंजीकरण के साथ-साथ नाविकों और यात्रियों के लिए बीमा का स्पष्ट प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त, व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कंपनियों के विलय और विभाजन पर शेयर वैल्यू का 0.50 प्रतिशत तथा संपत्ति शामिल होने की स्थिति में 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लगाने का नया स्पष्ट प्रावधान तय किया गया है। वहीं औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए ग्रेटर नोएडा में एकागो हॉस्पिटेलिटी द्वारा ₹654 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के साथ-साथ जीसीसी नीति के तहत कई अन्य प्रमुख कंपनियों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: UP Toll Plaza New Rules: 1 नवंबर से टोल प्लाजा के 20 KM दायरे में रहने वालों को राहत; ₹1,500 और ₹3,000 में बनेगा सालाना पास ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]