यूनिक समय, नई दिल्ली। सनातन धर्म में धनतेरस का पर्व अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना गया है। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन और अन्य नई वस्तुओं की खरीदारी करना बेहद फलदायी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, धनतेरस का पर्व हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर खरीदारी करने से घर में धन-धान्य, सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है। धनतेरस की तिथि और त्रयोदशी का समय कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 6 नवंबर 2026 को सुबह 10:31 बजे से होगी। इस तिथि का समापन 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे होगा। उदया तिथि और प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि का सुंदर योग मिलने के कारण धनतेरस का पर्व 6 नवंबर (शुक्रवार) को ही मनाया जाएगा। सोना-चांदी और वस्तुएं खरीदने का शुभ मुहूर्त धनतेरस के अवसर पर खरीदारी के लिए एक लंबा और अत्यंत शुभ महा-मुहूर्त प्राप्त हो रहा है। इस वर्ष खरीदारी का शुभ समय 6 नवंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर 7 नवंबर 2026 की सुबह 06:37 बजे तक रहेगा। इस पूरी अवधि के दौरान सोना, चांदी, नए बर्तन, वाहन और अन्य गृह-उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। प्रमुख शहरों में प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त धनतेरस के पावन पर्व पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा प्रदोष काल में करना अत्यंत कल्याणकारी और शुभ माना जाता है। सूर्यास्त के बाद का 2 घंटे 24 मिनट का समय प्रदोष काल कहलाता है, जिसमें पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और आरोग्यता का वास होता है। मथुरा: शाम 6:05 बजे से 8:01 बजे तक नई दिल्ली: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक गुरुग्राम: शाम 6:03 बजे से 7:59 बजे तक जयपुर: शाम 6:11 बजे से 8:07 बजे तक चेन्नई: शाम 6:14 बजे से 8:10 बजे तक हैदराबाद: शाम 6:15 बजे से 8:13 बजे तक धनतेरस की पूजा विधि सबसे पहले पूरे घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। मुख्य द्वार पर रंगोली, बंदनवार और दीये जलाकर सजावट करें। शाम को पूजा स्थल पर लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला स्वच्छ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा स्थापित करें। पास में ही अपनी नई खरीदी हुई वस्तुएं (सिक्के, बर्तन, गहने) रखें। सबसे पहले गणेश जी को फूल, अक्षत, रोली और मिष्ठान अर्पित कर दीपक प्रज्वलित करें। आरोग्य के देवता धन्वंतरि और धन के देवता कुबेर महाराज को धूप, दीप, फल व फूल अर्पित कर परिवार की उत्तम सेहत और आर्थिक संपन्नता का आशीर्वाद मांगें। मां लक्ष्मी को हल्दी, कुमकुम, फल, मिठाई और सिक्के अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद सभी देवी-देवताओं की आरती करें, प्रसाद बांटें और मुख्य द्वार सहित घर के चारों ओर मिट्टी के दीपक जलाएं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Ronaldo Retirement: क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से किया संन्यास का ऐलान; 23 साल लंबे करियर को कहा अलविदा ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]