Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

कोरोना वैक्सीन : जानिए आपके शहर के किन—किन प्राइवेट अस्पतालों में लगेगा टीका, अब 500 रूपए में लगवाएं

by यूनिक समय • February 28, 2021
Advertisement
Ad

लखनऊ। देश में कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण 1 मार्च से शुरू हो रहा है। इसके तहत अब आम आदमी प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन लगवा सकता है। इसके लिए लोगों को कुछ पैसे चुकाने होंगे। सरकार ने पूरे देश में 20 हजार प्राइवेट अस्पतालों को चिन्हित किया है। एक व्यक्ति को कोरोना टीका की दो खुराक लगवाने के लिए 500 रुपए चुकानी पड़ेगी। इसमें टीके की कीमत 300 रुपए और सुविधा शुल्क 200 रुपए शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट जारी की है, जहां टीका लगाया जाएगा।

[googlepdf url=”https://uniquesamay.com/wp-content/uploads/2021/02/496308898-UP-Corona-Vaccine-center-list.pdf” width=”100%” height=”892″]

496308898-UP-Corona-Vaccine-center-list

गौरतलब है कि टीकाकरण के दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों व 45 वर्ष से अधिक उम्र के बीमार व्यक्तियों को टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण अभियान के पहले चरण में 26 फ़रवरी तक देश भर में 1.42 करोड़ लोगों को टीका लगा है। हालांकि सरकार ने पहले चरण में तीन करोड़ फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स को टीका लगवाने का लक्ष्य रखा था. इसमें 1,17,88,669 को पहली व 24, 53, 878 को दूसरी खुराक काग चुकी है।

यूपी में इन प्राइवेट अस्पतालों में लगेगा टीका, यहां देखें लिस्ट
गौरतलब है कि देश भर के 10 हजार सरकारी केंद्रों व 20 हजार प्राइवेट अस्पतालों में टीकाकरण अभियान चलेगा। सरकारी केंद्रों पर फ्री लगाया जाएगा, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में कीमत चुकाकर टीका लगवाया जा सकता है। यूपी के जिन प्राइवेट अस्पतालों में टीका लगना जारी कर दी गई है।

उम्र 45 और 20 चुनिंदा बीमारियां हैं, तो लगवाइए टीका
दूसरे चरण के अभियान में जिन लोगों की उम्र 45 साल या उससे अधिक है और वे बिमारियों से ग्रस्त हैं तो उन्हें टीका लगेगा। इसके तहत 10 साल से अधिक डायबिटीज, आठ महीने पीड़ित और बीते एक साल में दिल का दौरा अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज शामिल है। इसके अलावा अनियंत्रित डायबिटीज, दो साल से गंभीर सांस की बीमारी, दिल, किडनी व लिवर की सभी बिमारियों के मरीज भी टीका लगवाने के पात्र होंगे। इसके लिए मरीजों को राज्य मेडिकल कॉउन्सिल से पंजीकृत डॉक्टर का निर्धारित प्रारूप में प्रमाणपत्र देना होगा। गलत प्रमाणपत्र पर पंजीकरण रद्द हो जाएगा।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.