कोलकाता। बंगाल में एक चुनावी रैली के दौरान एक नजारा देखने को मिला। जब मंच पर मौजूद एक भाजपा कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाए छूए और बदले में उन्होंने भी उसके पांव छू लिए। भाजपा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस वीडियो को साझा किया है और इसे संस्कार का भाव बताया है। https://twitter.com/BJP4India/status/1374623503375163395?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1374623503375163395%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news18.com%2Fnews%2Fnation%2Fpm-narendra-modi-touch-bjp-leader-feet-in-kanthi-rally-in-west-bengal-3533113.html बुधवार को पीएम मोदी बंगाल के कांथी में एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। सभी स्थानीय नेताओं के साथ मंच पर पहुंचकर पीएम मोदी बैठे ही थे कि वहां मौजूद एक कार्यकर्ता उनके पांव छूने के लिए आगे बढ़ा, फिर पलटकर उन्होंने भी कार्यकर्ता के पांव छुए। भाजपा ने इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, "भाजपा एक ऐसा सुसंस्कृत संगठन है, जहां कार्यकर्ताओं में एक-दूसरे के प्रति समान संस्कार का भाव रहता है। पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान मंच पर जब एक भाजपा कार्यकर्ता पैर छूने आया, तो पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पैर छूकर कार्यकर्ता का अभिवादन किया। दूसरी ओर, पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झूठे आरोप लगाकर नंदीग्राम के लोगों का अपमान किया और लोग उन्हें करारा जवाब देंगे। उन्होंने 10 मार्च की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आप पूरे देश के सामने नंदीग्राम और उसके लोगों को बदनाम कर रहे हैं। यह वही नंदीग्राम है जिसने आपको इतना कुछ दिया। नंदीग्राम के लोग आपको माफ नहीं करेंगे और आपको करारा जवाब देंगे।’’ गौरतलब है कि 10 मार्च की घटना में मुख्यमंत्री घायल हो गई थीं। मोदी ने ‘तोलाबाजी’ और जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा राज्य में हर योजना को घोटाला-मुक्त बनाएगी और पारदर्शिता लाएगी. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चक्रवात अम्फान की राहत राशि को ‘भाइपो (भतीजा) विंडो’ के जरिए लूटा गया।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बनर्जी ‘दुआरे सरकार’ की बात कर रही हैं, लेकिन दो मई को उन्हें दरवाजा दिखा दिया जाएगा. बनर्जी सरकार ने चुनावों के मद्देनजर महीनों पहले ‘दुआरे सरकार’ कार्यक्रम शुरू किया था जिसमें विशेष शिविर लगाकर सेवाएं दी जाती हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल में मतदान 27 मार्च, एक अप्रैल, छह अप्रैल, दस अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतों की गिनती दो मई को होगी।