यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी मथुरा-वृंदावन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते मुख्य सड़कों से लेकर तंग गलियों तक में बने मकान धड़ल्ले से होटल और गेस्ट हाउसों में तब्दील हो गए हैं। लेकिन दिल्ली में हुए हालिया भीषण हादसे के बाद अब कान्हा की नगरी में भी इन होटलों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धरातल पर स्थिति यह है कि अधिकांश होटल और गेस्ट हाउसों में आपातकालीन परिस्थितियों (जैसे आग लगना) से निपटने के लिए सुरक्षा के न्यूनतम इंतजाम भी मौजूद नहीं हैं। इस लापरवाही को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ एक व्यापक और कड़ा चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। तंग गलियों तक फैले हैं अवैध गेस्ट हाउस मथुरा-वृंदावन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह के आंकड़ों के अनुसार, इस जुड़वां धार्मिक क्षेत्र में वर्तमान में 500 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, तंग गलियों और रिहायशी इलाकों में एक हजार से भी अधिक गेस्ट हाउस बिना उचित मानकों के खुल गए हैं। पर्यटन व्यवसाय में मुनाफे के चक्कर में इन संचालकों ने सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया है। शहर के अधिकांश होटलों में न तो वेंटिलेशन की सही व्यवस्था है और न ही अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के पर्याप्त उपकरण लगाए गए हैं, जो किसी भी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। 10 नामचीन होटलों को थमाया नोटिस दिल्ली हादसे से सबक लेते हुए बिजली सुरक्षा विभाग की टीम ने वृंदावन के विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) किया। इस छापेमारी के दौरान सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। बिजली सुरक्षा विभाग की सहायक निदेशक निधि जादौन और उप खंड अधिकारी संदीप वार्ष्णेय के नेतृत्व में टीम ने विश्व प्रसिद्ध प्रेम मंदिर और रमनरेती क्षेत्र के होटलों की बारीकी से जांच की। कई होटलों में बिजली की वायरिंग बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में मिली, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बना हुआ था। इस गंभीर अनदेखी और लापरवाही पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और मौके पर ही 10 होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तत्काल कमियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए। CFO की टीम का 'बेस्ट वेस्टर्न होटल' पर छापा चेकिंग अभियान के तहत शुक्रवार को मुख्य फायर अधिकारी (CFO) अरुण कुमार सिंह दमकल विभाग की पूरी टीम के साथ वृंदावन के प्रतिष्ठित 'बेस्ट वेस्टर्न होटल' में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जब फायर ब्रिगेड की टीम होटल के बेसमेंट में दाखिल हुई, तो वहां के हालात देखकर दंग रह गई। बेसमेंट में नियमों के विरुद्ध जाकर व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए एक बड़ा हॉल संचालित होता मिला। इसके अलावा, वहां लगा फायर सॉफ्ट गेट इस तरह से डिजाइन किया गया था कि आपात स्थिति में वह लोगों के आने-जाने और जान बचाने के रास्ते में बड़ी बाधा बन रहा था। किचन में पसरी अव्यवस्था और शो-पीस बना मिला फायर पंप दमकल विभाग के निरीक्षण में होटल की किचन (रसोई) की भी कलई खुल गई। किचन में कहने को तो फायर सिलेंडर टंगे थे, लेकिन उनके ठीक पास भारी मात्रा में ऐसा ज्वलनशील सामान कबाड़ की तरह रखा हुआ था, जिससे कभी भी अचानक आग भड़क सकती थी। किचन से बाहर निकलने का रास्ता भी बेहद संकरा (छोटा) पाया गया, जिसके चलते किसी भी दुर्घटना के समय भगदड़ मचने का पूरा अंदेशा था। लापरवाही की हद तो तब देखने को मिली जब सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने होटल के ग्राउंड में लगे मुख्य पंप स्टेशन की जांच की। उन्होंने जब पंप को डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों मोड पर चलवाकर देखा, तो वह ऑटो मोड पर काम ही नहीं कर रहा था। यानी अगर होटल में आग लगती है, तो यह सिस्टम खुद-ब-खुद पानी की बौछार शुरू नहीं कर पाता। इस बेहद गंभीर तकनीकी खामी पर सीएफओ ने होटल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और होटल को ब्लैकलिस्ट व सील करने की चेतावनी के साथ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। पूरे उत्तर प्रदेश में डीजी फायर का आदेश मुख्य दमकल अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक दिन की नहीं है। उत्तर प्रदेश के डीजी फायर ने पूरे राज्य में अवैध और असुरक्षित होटलों के खिलाफ एक निरंतर अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसी के तहत मथुरा और वृंदावन के हर एक होटल, लॉज और गेस्ट हाउस की कड़ाई से चेकिंग की जा रही है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि जहां छोटी-मोटी कमियां हैं, उन्हें नोटिस देकर समय दिया जा रहा है, लेकिन जो होटल सुरक्षा मानकों और नक्शे के अनुरूप नहीं बने हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दल में फायर स्टेशन ऑफिसर नरेश पाल सिंह, फायर कर्मी भूदेव सिंह और विक्रम यादव समेत कई अन्य मुख्य अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: IPL 2026 के संपन्न होते ही भारतीय क्रिकेट में नए युग की शुरुआत; सूर्यकुमार यादव को हटा श्रेयस अय्यर बने टी20 के नए कप्तान ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]