हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में 300 से अधिक आवारा कुत्तों को जहर देकर मारने की हैवानियतभरी घटना सामने आई है। संदेह है कि इन कुत्तों को पंचायत ने पकड़वाया था। जब इन कुत्तों की लाशें दफनाई जा रही थीं, तब इसका खुलासा हुआ। फाइट फॉर एनिमल्स एक्टिविस्ट चल्लापल्ली श्रीलता ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। https://twitter.com/suresh_jagu/status/1420714323698098181?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1420714323698098181%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2Fsuresh_jagu%2Fstatus%2F1420714323698098181%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश हालांकि दावा किया जा रहा है कि करीब 100 कुत्तों को मारा गया। इन कुत्तों को लिंगापालेम गांव में एक टैंक के पास मिट्टी में दबा दिया गया था। लेकिन वहां रहने वाले सूअर पालकों ने यह देख लिया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को गड्ढे में कुत्तों को दफनाते देखा गया था। कहा जा रहा है कि इन कुत्तों को गांव और आसपास के इलाके से पकड़ा गया था। कलेक्टर कार्तिकेय मिश्रा ने शुक्रवार को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पंचायत सचिव ने दी सफाई इस मामले में पंचायत सचिव की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि लिंगपालेम पंचायत सचिव सुगनराज ने बताया कि जब उन्हें इसकी जानकारी लगी, तो वे धर्मजीगुडेम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। फाइट फॉर एनिमल्स एक्टिविस्ट चल्लापल्ली श्रीलता ने पंचायत सचिव के दावे को गलत ठहराया। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने डॉग कैचर रखे हुए हैं। पंचायत सचिव को इसकी जानकारी है। श्रीलता ने इस मामले में पंचायत सरपंच और सचिव के खिलाफ भी शिकायत दी है। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (L) और आईपीसी की धारा 429 (जानवर को जहर देना) के तहत मामला दर्ज किया है। धर्मजीगुडेम के सब-इंस्पेक्टर पी रमेश ने कहा है कि शुरुआती जांच में कुत्तों को जहर देकर मारने की पुष्टि हुई है। कर्नाटक में 46 बंदरों को जहर देकर मारा गया था बता दें कि गुरुवार तड़के कर्नाटक के हासन जिले में 46 से अधिक बंदरों को टॉर्चर करने के बाद जहर देकर मारने की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया था। इन्हें बुधवार रात बोरे में भरकर फेंका गया था। विस्तार से पढ़ने क्लिक करें...