यूनिक समय, फरह (मथुरा)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली दीनदयाल धाम में चार दिवसीय स्मृति महोत्सव मेले का भव्य आयोजन शुरू हो रहा है। स्वदेशी, स्वावलंबन और भारतीय संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में आयोजित यह महोत्सव क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। मेले के पहले दिन की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों और कलश यात्रा के साथ होगी, जिसके बाद दिनभर विभिन्न सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रतियोगिताएं और रात्रि में पारंपरिक रसिया दंगल का आयोजन किया जाएगा। सुबह से शुरू होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सोहनलाल शर्मा ने जानकारी दी कि प्रथम दिन सुबह सात बजे विद्यालय घोष के साथ एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके पश्चात सुबह 8:30 बजे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न होगा। मेला समिति के मंत्री मनीष अग्रवाल 'रावी' के अनुसार, सुबह 9:30 बजे प्रदर्शनी स्थल पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों की 100 से अधिक छात्राएं अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। दोपहर में औपचारिक शुभारंभ व संध्याकालीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य पंडाल में दोपहर तीन बजे पूज्य संतों और गुरुजनों के सानिध्य में चार दिवसीय महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में श्रीकृष्ण शर्मा और उनकी टीम द्वारा शंख वादन की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद शाम पांच बजे नोएडा की प्रसिद्ध नृत्यांगना अनु सिन्हा और उनकी टीम द्वारा राष्ट्रीय स्तर की नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। वहीं शाम 6:30 बजे स्थानीय विद्या मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा रंगमंचीय व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। रात 10 बजे होगा पारंपरिक 'रसिया दंगल' का मुकाबला मेला समिति के कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि पहले दिन का मुख्य आकर्षण रात्रि 10 बजे मुख्य पंडाल में आयोजित होने वाला 'रसिया दंगल' रहेगा। इसमें हाथरस के सुप्रसिद्ध 'खिच्चो आटे वाला अखाड़ा' और अतरौली के 'सत्तो शर्मा अखाड़ा' के बीच आमना-सामना होगा। दोनों अखाड़ों के कलाकार अपनी फटकेबाजी और पारंपारिक रसिया गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। पहली बार लगे कई प्रकार के झूले महोत्सव के लिए मुख्य परखम मार्ग की ओर जाने वाली सड़क के दोनों तरफ विविध प्रकार के स्टॉल और प्रदर्शनी दुकानें सज गई हैं। मेला समिति ने बताया कि इस वर्ष बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए मेले में पहली बार कई नए प्रकार के झूले भी स्थापित किए गए हैं। मंगलवार दिनभर समिति के कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। कार्यक्रम संयोजकों व मेला समिति के पदाधिकारियों ने समस्त ब्रजवासियों से अधिक से अधिक संख्या में दीनदयाल धाम पहुंचकर इस सांस्कृतिक महाकुंभ का आनंद लेने और आयोजनों में सहभागिता करने की अपील की है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Vrindavan: साध्वी इंदुलेखा ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपा पत्र; प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की अपील ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]