यूनिक समय, वृंदावन (मथुरा)। संत प्रेमानंद महाराज के प्रसिद्ध आश्रम 'केली कुंज' से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आश्रम में श्रद्धालुओं के दर्शन और नई दीक्षा की प्रक्रिया पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही आश्रम से जुड़े साधक-साधिकाओं की वर्षों पुरानी वेशभूषा (ड्रेस कोड) में भी अचानक बड़ा बदलाव कर दिया गया है। हालांकि, इन कड़े निर्णयों की आश्रम प्रबंधन द्वारा कोई आधिकारिक लिखित पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन आश्रम द्वारा जारी एक पैम्पलेट और वहां के बदलते माहौल से इस फैसले की पुष्टि हो रही है। माना जा रहा है कि यह अभूतपूर्व कदम पिछले दिनों प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या और उसके बाद उठे विवादों के बाद उठाया गया है। साधकों की वेशभूषा में बदलाव सामने आए पैम्पलेट के अनुसार, पूज्य महाराज जी द्वारा आश्रम की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कुछ सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इन नए निर्देशों के तहत विरक्त, गृहस्थ या किसी छोटे-मोटे व्यवसाय जैसे दुकान अथवा ठेला चलाने से जुड़े शिष्यों को अब सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को ही होगी, जो पूज्य महाराज जी की प्रत्यक्ष सेवा या केली कुंज की आंतरिक व्यवस्था में लगे हुए हैं। इन नए नियमों के लागू होने के बाद अब आश्रम परिसर में गृहस्थ और अन्य साधक सामान्य कपड़ों में नजर आने लगे हैं। क्या था मामला? मूल रूप से जबलपुर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले 25 वर्षीय रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) 2 साल पहले वृंदावन आए थे और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। वे आश्रम में बिजली मेंटेनेंस का काम संभालते थे। गत 25 सितंबर को उन्होंने वृंदावन के गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। जांच के दौरान कमरे से एक ग्राइंडर बरामद हुआ था और उनके शरीर तथा प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट के निशान मिले थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अत्यधिक खून बहने को मौत का कारण बताया गया है। जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद से ही पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। सीओ (वृंदावन) संदीप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने केली कुंज आश्रम पहुंचकर गहन छानबीन की है। अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। हम यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि रसिक दुलारी शरण ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया और घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। अनसुलझे सवालों के बीच केली कुंज में आए इन बड़े बदलावों ने श्रद्धालुओं और शिष्यों के बीच नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। आश्रम की ओर से कहा गया है कि आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण परिवर्तन भी देखने को मिल सकते हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: मथुरा के कृष्णा नगर बिजली घर पर देर रात सुरक्षाकर्मी ने संविदा कर्मचारी को मारी गोली, आगरा रेफर ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]