बवालः ऑक्सीजन खत्म होने से पांच मरीजों की मौत, चार थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा

जबलपुर। कोरोना वायरस से संक्रमितों की तादाद बढ़ने के साथ ही देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में ऑक्‍सीजन को लेकर हाहाकार की स्थिति मची हुई है। मध्‍य प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में शुक्रवार सुबह जबरदस्त बवाल मच गया। यहां के गैलेक्सी हॉस्पिटल (उखरी) में ऑक्सीजन खत्म होने से कई मरीजों की जान पर बन आई। जानकारी के मुताबिक, ऑक्‍सीजन खत्‍म होने के कारण 5 मरीजों की मौत हो गई. इसके बाद बवाल हो गया।

मृतकों में प्रमिला तिवारी, गौतम तिवारी,आनंद शर्मा, गोमती राय और डॉ देवेन्द्र कुरारिया शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, बवाल बढ़ता देख हॉस्पिटल से डॉक्टर और स्टाफ भाग गए. दूसरी ओर, हंगामा कर रहे लोगों को काबू करने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा. पुलिस खुद सिलेंडर लेकर अस्पताल पहुंची. ब्ैच्, टीआई सहित 4 थानों की पुलिस ने इलाके को घेर लिया।

ऑक्सीजन खत्म होने के बाद तड़पने लगे मरीज
जानकारी के अनुसार, गैलेक्सी हॉस्पिटल में कुल 65 कोविड संक्रमित भर्ती हैं। इसमें 31 ऑक्सीजन वाले और 34 आईसीयू के मरीज भर्ती थे. हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में बैकअप तक नहीं रखा गया था. इस पूरे मामले में हॉस्पिटल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जब ऑक्सीजन समाप्त होने के बाद मरीज तड़पने लगे, तब डॉक्टरों को इलाज के लिए मौजूद रहना था, लेकिन वे स्टाफ के साथ मरीजों को भगवान भरोसे छोड़कर भाग निकले।

मौतों के बाद हंगामा करने लगे परिजन

5 मौतों और डॉक्टर स्टाफ के भागने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए. वे हंगामा करने लगे. इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी गई. पुलिस की एक टीम तुरंत अधारताल रवाना हुई. वहां से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पुलिस अस्पताल पहुंची. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने फेल साबित हुआ है, जिसकी बजह से मरीजों को जान गांवनी पड़ी है.

शहर में रेमडेसिविर की कालाबाजारी, डॉक्टर भी शामिल

गौरतलब है कि जबलपुर में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस परिस्थिति में भी लोग मजबूरी का फायदा उठाना नहीं छोड़ रहे. यहां रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पकड़ी गयी। लेकिन इस बार दो डॉक्टर भी इसमें शामिल थे. दोनों डॉक्टरों सहित कुल 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से 4 इंजेक्शन भी बरामद किये गए।

रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना मरीजों के लिए जीवन रक्षक के तौर पर काम करता है। कोरोना महामारी के इस दौर में इसकी काफी डिमांड है। कालाबाजारी इसका फायदा उठाकर साढ़े आठ सौ का एक इंजेक्शन हजारों रुपये में बेच रहे हैं. आज पकड़ गए। ये आरोपी मरीजों के लिए सप्लाई होने वाले इंजेक्शन में सेंध लगाकर उन्हें मनमाने दामों पर मार्केट में बेच देते थे।

इंजेक्शन ब्लैक करने वालों पर एनएसए
उधर, रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचने वाले दो आरोपियों पर रासुका लगा दी गई है। दोनों आरोपियों को छह महीने तक सेंट्रल जेल में बंद करने का आदेश जारी हुआ है. शुक्रवार को ओमती पुलिस सेंट्रल जेल में बंद दोनों आरोपियों को नोटिस तामिल कराएगी. एमपी में इस तरह की यह पहली कार्रवाई है. वहीं अब अस्पतालों को मरीजों का मोबाइल नंबर देने के बाद ही रेमडेसिविर इंजेक्शन प्रशासन देगा।

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