मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने आज 5 कालिदास आवास पर राज्य में बाढ़ की तैयारियों के संदर्भ में एक बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील जनपदों के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों का जायजा लिया। मुख्‍यमंत्री ने सभी ज‍िलों के डीएम को न‍िर्देश देते हुए कहा क‍ि जिलाधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें। सभी ज‍िलों में चाक-चौबन्द व्यवस्था हो।

मुख्‍यमंत्री ने सभी ज‍िलों को अलर्ट मोड में रहने के ल‍िए कहा है। उन्‍होंने कहा क‍ि बाढ़ के समय जन-धन की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। 15 जून तक बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर लें। सीएम योगी ने कहा क‍ि बाढ़ की दृष्टि से 24 जिले अतिसंवेदनशील हैं। वहां समय से पहले सारी तैयार‍ियां कर लेनी चाह‍िए।

उन्‍होंने सख्‍त लहजे में कहा क‍ि ठेके-पट्टों से अपराधी/माफिया छवि के लोग दूर रहें। इन मामलों में शासकीय अधिकारी/कर्मचारी संलिप्त मिले तो उन पर भी कार्रवाई होगी। सीएम ने सभी ज‍िलों के डीएम को न‍िर्देश‍ित करते हुए कहा क‍ि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी संवेदनशील/अति संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण करें।

मुख्‍यमंत्री ने कहा क‍ि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता मिले और राहत सामग्री की गुणवत्ता से समझौता न क‍िया जाएा। किसी भी काश्तकार की निजी भूमि पर सिल्ट न डाली जाए। डालना जरूरी हो तो मनरेगा से निस्तारण भी कराएं। बाढ़ के बीच बीमारी बढ़ती है। इसल‍िए राहत शिविरों के लिए स्वास्थ्य टीम गठित करें। सीएम ने कहा क‍ि बाढ़ को ध्‍यान में रखते हुए सभी 780 बाढ़ सुरक्षा समितियां एक्टिव मोड में रहें। बिजनौर में विदुरकोटि के पास से मां गंगा का प्रवाह फिर होगा। इसके ल‍िए प्रस्ताव तैयार करायें।