यूनिक समय, वृंदावन। चैतन्य बिहार क्षेत्र स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम परिसर में मंगलवार देर रात हुई हृदयविदारक घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर गुरुकुल संचालक और आचार्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, वहीं शासन व प्रशासन स्तर पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बुधवार को मथुरा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक छात्रों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शी साथियों ने गुरुकुल प्रबंधन पर जबरन व लापरवाही से सफाई कराने के गंभीर आरोप लगाए। मेरठ के हस्तिनापुर निवासी विशु शर्मा को परिजनों ने ज्योतिष, वेद और श्रीमद्भागवत गीता की शिक्षा के लिए 18 अगस्त को गुरुकुल भेजा था, जो जयंती माता शक्ति पीठ के पुजारी भी थे। शक्ति पीठ के अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि गरीब परिवार ने जोड़-तोड़कर फीस भरी थी, लेकिन प्रबंधन ने पढ़ने आए बच्चे से खतरनाक सफाई कार्य कराया। वहीं विदिशा के बढ़खेरा निवासी 18 वर्षीय देवांश के पिता हल्के शर्मा ने बताया कि भारी फीस और मासिक खर्च देने के बावजूद बच्चों से रात 10 बजे टैंक साफ कराया गया तथा घटना के बाद प्रबंधन के फोन बंद मिले। प्रयागराज के कौशांबी निवासी किसान कृष्ण कुमार के पांच बच्चों में सबसे छोटे आर्यन को सनातन और संस्कृत के क्षेत्र में नाम रोशन करने की उम्मीद से भेजा गया था, जबकि जबलपुर निवासी चौथे मृतक छात्र मनु के परिजन भी घटना की खबर पाकर देर रात मथुरा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शी छात्र का खुलासा गुरुकुल के कक्षा 9 के छात्र आदित्य और छात्र अभिषेक दुबे ने हादसे का भयावह विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि रात में भोजन के बाद सोने जा रहे 7-8 वरिष्ठ छात्रों को बुलाकर टैंक साफ करने का दबाव बनाया गया। मोटर से आधा पानी निकलने के बाद नीचे जाने का रास्ता बेहद संकरा होने के बावजूद छात्रों को बाल्टी से पानी निकालने के लिए अंदर उतारा गया। टैंक खोलते ही तेज बदबू आई और मनु 10-12 बाल्टी निकालने के बाद जहरीली गैस से बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने नीचे उतरे अन्य साथी भी एक-एक कर अचेत हो गए। छात्रों का आरोप है कि वहां मौजूद गुरुजन सहायता करने के बजाय इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद घबराए परिजन अपने बच्चों को गुरुकुल से वापस घर ले गए हैं। कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक आदेश पुलिस ने मृतक विशु के पिता मोहित शर्मा की तहरीर पर गुरुकुल के संचालक आचार्य आशीष एवं अन्य आचार्यों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 105 और 110 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं जिलाधिकारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को मजिस्ट्रियल जांच सौंप दी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक छात्र के परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है, साथ ही अस्पताल में भर्ती पांचवें छात्र रुद्र के समुचित इलाज और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: विराट कोहली के प्रवक्ता के खंडन पर फलाहारी महाराज का पलटवार; खातों की जांच कराने की दी चुनौती ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]