यूनिक समय, नई दिल्ली। दीपावली के अवसर पर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने 29 अक्टूबर 2026 के अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि केवल पूर्ण प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, क्योंकि पूर्व में लागू प्रतिबंधों के बावजूद पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी थी। ऐसे में अदालत ने 7 और 8 नवंबर 2026 को निर्धारित समय-सीमा के भीतर केवल 'ग्रीन पटाखे' चलाने की छूट दी है। पटाखे जलाने का समय और शांत क्षेत्रों में सख्त पाबंदी आदेश के अनुसार, केवल सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति रहेगी। इसके साथ ही, अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, बुजुर्गों के आवासों, स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों तथा घोषित शांत क्षेत्रों (Silent Zones) के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील वर्ग जैसे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। बिक्री के लिए QR कोड अनिवार्य सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल वही ग्रीन पटाखे बनाए और बेचे जा सकेंगे जिन्हें CSIR-NEERI और PESO से आधिकारिक मंजूरी प्राप्त है। निर्माण 2 से 6 नवंबर के बीच निर्धारित मानकों के तहत किया जाएगा। डिब्बे पूरी तरह सील होंगे और प्रत्येक पैकेजिंग पर एक विशेष QR कोड होगा, जिसे स्कैन करके निर्माता, लाइसेंस और जांच से संबंधित प्रामाणिक विवरण देखे जा सकेंगे। बेरियम युक्त पटाखों, मंजूरी रहित पटाखों और पटाखों की लड़ियों/मालाओं के निर्माण व बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 9 नवंबर से पुनः लागू होगा पूर्ण बैन दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित की गई निश्चित दुकानों पर ही हो सकेगी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। जिन व्यापारियों के लाइसेंस रद्द किए गए थे, उन्हें 4 से 6 नवंबर तक कड़े शर्तों के साथ अस्थायी अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर बाहरी वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि अवैध पटाखों की आवाजाही रोकी जा सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह छूट अस्थायी है और 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पुनः पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 2 नवंबर से 30 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को 14 दिसंबर तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। सार्वजनिक अपील और जागरूकता का संदेश सुप्रीम कोर्ट ने देश के नामचीन हस्तियों, खिलाड़ियों और जन प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे नागरिकों को पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित दिवाली मनाने के लिए प्रेरित करें। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण जैसी वैश्विक और गंभीर समस्या का निवारण केवल प्रशासनिक आदेशों से संभव नहीं है, इसके लिए शासन, प्रशासन, व्यापारियों और आम जनता को एकजुट होकर जिम्मेदारी निभानी होगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: IND vs NZ: न्यूजीलैंड दौरे से पहले ऋषभ पंत की फिटनेस पर संस्पेंस बरकरार, अगले दो दिनों में होगा री-टेस्ट ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]