बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इसमें शिवमोग्गा विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक और भाजपा के सीनियर नेता के एस ईश्वरप्पा के बेटे को टिकट नहीं दिया गया। https://twitter.com/AsianetNewsEN/status/1649283518059405313?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1649283518059405313%7Ctwgr%5E99103df813497085ba253b256afec27f47377e68%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.asianetnews.com%2Fnational-news%2Fkarnataka-election-2023-pm-narendra-modi-dials-eshwarappa-after-shivamogga-ticket-denial-vva%2Farticleshow-ylz6hzn पार्टी के इस फैसले से ईश्वरप्पा दुखी थे, लेकिन लिस्ट जारी होने के कुछ घंटे बाद ही उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन कॉल आ गया। इससे ईश्वरप्पा का चेहरा खिल गया। बातचीत के दौरान ईश्वरप्पा ने प्रधानमंत्री को आश्वसन दिया कि वह पार्टी की जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। ईश्वरप्पा ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। ईश्वरप्पा ने कहा, "मुझे खुशी है कि आपने मेरे जैसे एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता से बात की है।" नरेंद्र मोदी ने ईश्वरप्पा से वादा किया कि वह 28 अप्रैल को कर्नाटक आने पर उनसे मिलेंगे। शिवमोग्गा से भाजपा प्रत्याशी चन्नबसप्पा ने गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। बता दें कि ईश्वरप्पा कर्नाटक में भाजपा के बड़े नेता हैं। वह उपमुख्यमंत्री रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की अपनी इच्छा से अवगत कराया था। उन्होंने शिवमोग्गा से विधानसभा चुनाव में उन्हें मैदान में नहीं उतारने का अनुरोध किया था। शिवमोग्गा से पांच बार विधायक रहे ईश्वरप्पा ने अपने बेटे के ई कांतेश के लिए इस क्षेत्र से टिकट मांगा था। भाजपा के वरिष्ठ नेता और एमएलसी अयानूर मंजूनाथ भी शिवमोग्गा से दावेदारी कर रहे थे। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बुधवार को पार्टी छोड़ दी और JD(S) में शामिल हो गए। वह अब शिवमोग्गा विधानसभा क्षेत्र से JD(S) के उम्मीदवार हैं।