यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमेरिका के लास वेगास में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारत के दो कुख्यात और मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर—हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को एक साथ गिरफ्तार कर लिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस और हरियाणा एसटीएफ (STF) की हिट लिस्ट में शामिल इन दोनों अपराधियों पर हत्या, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और ताबड़तोड़ फायरिंग जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं। हरियाणा STF के इनपुट पर FBI का शिकंजा सूत्रों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया अमेरिका में एक साथ रह रहे थे। दिल्ली और हरियाणा पुलिस की कई टीमें लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थीं। तकनीकी निगरानी और हरियाणा एसटीएफ द्वारा साझा किए गए पुख्ता इनपुट्स के आधार पर अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने लास वेगास में उनके ठिकाने का पता लगाया और गुरुवार शाम दोनों को धर दबोचा। हिमांशु भाऊ के खिलाफ 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था, जबकि नीरज फरीदपुरिया जमानत के बाद टखने में लगा निगरानी ट्रैकर हटाकर फरार चल रहा था। कौन है हिमांशु भाऊ? हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला 24 वर्षीय हिमांशु भाऊ कम उम्र में ही अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन गया था। उस पर मर्डर, हत्या की कोशिश और रंगदारी जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। साल 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं के बाद वह देश भर की पुलिस के radars पर आया था। साल 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग और दिल्ली के राजौरी गार्डन में बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या की जिम्मेदारी इसी गैंग ने ली थी। हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। कौन है नीरज फरीदपुरिया? हरियाणा के पलवल जिले के फरीदपुर गांव का रहने वाला नीरज फरीदपुरिया भी उत्तर भारत के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में शुमार है। उस पर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरीदपुरिया सबसे पहले तब चर्चा में आया था जब उस पर कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या का आरोप लगा था। साल 2012 में गिरफ्तारी के बाद उसे 2015 में उम्रकैद हुई थी, लेकिन 2019 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह विदेश भाग गया था। फरीदाबाद में बीजेपी नेता विनोद भाटी के दफ्तर पर फायरिंग और 2024 में दिल्ली के आया नगर में हुई सनसनीखेज हत्या में भी उसका नाम सामने आया था। एल्विश यादव के घर हुई फायरिंग में भी उसकी संलिप्तता पाई गई थी। विदेश से चल रहा था सिंडिकेट, अब प्रत्यर्पण की तैयारी हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया दोनों ही लॉरेंस-गोल्डी बराड़ गैंग के विरोधी खेमे (नीरज बवाना और बंबीहा गैंग) से जुड़े बताए जाते हैं। ये दोनों विदेश में बैठकर वर्चुअल नंबरों और सोशल मीडिया के जरिए भारत में कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी वसूलते थे। एनआईए (NIA) पहले ही दोनों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। अब अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद भारतीय जांच एजेंसियां इनके प्रत्यर्पण (Extradition) और आगे की कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुट गई हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: ‘ब्रज रज उत्सव 2026’ का शानदार आगाज; सांसद हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]