यूनिक समय, लखनऊ। हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आईं दिव्या मित्तल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद अब आधिकारिक तौर पर राजनीति में कदम रखने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो जारी कर उत्तर प्रदेश की धरती से अपनी नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश को बनाया कर्मभूमि जारी किए गए वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही उनकी कर्मभूमि रही है और उनकी इस नई शुरुआत का केंद्र भी यही राज्य होगा। अपनी बात रखते हुए उन्होंने जनता से अपील की कि लोग किसी नेता या मसीहा पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय स्वयं पर भरोसा करें। उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों, डॉक्टरों, किसानों, मजदूरों, वकीलों और युवाओं से उनके अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। अपनी इस राजनीतिक मुहिम को उन्होंने ‘चलिए हिसाब मांगते हैं’ का नया नारा दिया है। मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा "मुझे समाज के वंचित और शोषित वर्ग की आवाज बनना है। आज की राजनीति में सत्ता और शोर तो बहुत है, लेकिन सोच और नीयत गायब है। मुझे इसी ना-सोचने वाली व्यवस्था का हिसाब चाहिए।" चुनावों में पानी की तरह बहाए जाने वाले धन और बाहुबल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी अभियानों में जो पैसा बहाया जाता है, वह सीधे तौर पर आम जनता के टैक्स से बनने वाली सड़कों, पुलों और स्कूलों के विकास का पैसा होता है। किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से साफ इनकार किस पार्टी के साथ मिलकर राजनीति करेंगी, इस सवाल पर स्थिति स्पष्ट करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि वह किसी भी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा "जिन झंडों के नीचे पिछले 80 सालों में व्यवस्था का हिसाब नहीं बदला, उनके नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता। मुझे जर्जर स्कूलों, टूटी सड़कों, अधूरे पुलों और सरकारी जमीनों का हिसाब चाहिए। पिछले 80 वर्षों से हम किसी नेता या मसीहा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम खुद ही वह बदलाव बनें।" [embedpress]https://x.com/divyamittal_IAS/status/2104769086446280938[/embedpress] जाति और धर्म के आधार पर होने वाली राजनीति को नकारते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने कभी किसी फरियादी का नाम या जाति पूछकर न्याय नहीं किया, और आगे भी उनकी राजनीति जन सरोकार पर आधारित होगी। दिव्या ने अपने समर्थकों और जनता से जुड़ने के लिए एक हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर (9198956957) भी साझा किया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]