विराट के कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता, नए भारतीय कोच में होने चाहिए ये गुण-गायकवाड़

विराट कोहली कुछ भी कह सकते हैं लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ये बात क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य अंशुमन गायकवाड़ ने कही।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नए कोच के खोज की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कोच पर के आवेदन की तारीफ भी खत्म हो चुकी है। टीम इंडिया के कोच पद के लिए कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने आवेदन किया है और इसमें रवि शास्त्री भी हैं। टीम इंडिया का नया कोच कौन हो इस पर कप्तान विराट ने कहा था कि अगर रवि शास्त्री को दोबारा कोच चुना जाता है तो उन्हें खुशी होगी। पर कोच चुनने की समिति के एक सदस्य अंशुमान गायकवाड़ ने साफ कर दिया है कि कौन किसे कोच बनाया चाहता है इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

इस बार सीओेए ने टीम इंडिया के नए कोच को चुनने का जिम्मा कपिल देव की अगुआई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति को सौंपी है जिसमें कपिल के अलावा अंशुमन गायकवाड़ के साथ पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामी भी शामिल हैं। गायकवाड़ ने कप्तान कोहली के कोच वाले बयान पर कहा कि कप्तान कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है और इम एक समिति हैं। विराट के बयान पर बीसीसीआई ध्यान दे सकती है हम नहीं। यानी गायकवाड़ के इस बयान से साफ है कि विराट की राय उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। गायकवाड़ का कहना है कि हम खुले दिमाग से बैठेंगे और इंटरव्यू लेंगे। हम सभी पहलूओं को देखकर कोई फैसला लेंगे।

नए भारतीय कोच में क्या गुण होने चाहिए इसके बारे में अंशुमन गायकवाड़ ने कहा कि मैं कोच रह चुका हूं और कपिल देव भी कोचिंग दे चुके हैं। किसी भी कोच के लिए तकनीकी जानकारी, रणनीति और मैनेजमेंट इन सबका होना बेहद जरूरी है। टीम इंडिया अच्छा खेल रही है, लेकिन और अच्छा करने के लिए ये तीनों बातें काफी अहम हैं। गायकवाड़ ने कोच के चयन में विराट की राय के बारे में कहा कि ये जरूरी नहीं है कि हम उनकी राय से इत्तफाक रखें। हमें बोर्ड से जो निर्देश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा।

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