निधिवन में श्रीकृष्ण की लीला देखने के लिए छिपी लड़की…और फिर

वृंदावन स्थित निधिवन राज मंदिर का रहस्य आज भी हर किसी के लिए एक रहस्य ही है। मान्यता है कि आज भी भगवान श्रीकृष्ण राधा रानी और गोपियों संग निधिवन में रास रचाते हैं लेकिन कोई भी उनके इस रूप को देख नहीं पाया है। भगवान श्री कृष्ण के साक्षात दर्शन की लालसा में

मथुरा: वृंदावन स्थित निधिवन राज मंदिर का रहस्य आज भी हर किसी के लिए एक रहस्य ही है। मान्यता है कि आज भी भगवान श्रीकृष्ण राधा रानी और गोपियों संग निधिवन में रास रचाते हैं लेकिन कोई भी उनके इस रूप को देख नहीं पाया है। भगवान श्री कृष्ण के साक्षात दर्शन की लालसा में हाल ही एक लड़की निधिवन में छिप गई। भगवान श्री कृष्ण के साक्षात दर्शन की आस लिए वृन्दावन आई पटना की लड़की बीते सोमवार की शाम निधिवन में छिपकर बैठ गई। सेवायत गोस्वामी ने लड़की को वहां से चले जाने के लिए समझाया, लेकिन वह अपनी जिद्द पर अड़ी रही। इसके बाद पुलिस बुलानी पड़ी।

पुलिस ने एक सामाजिक कार्यकर्त्ता की मदद से लड़की को निधिवन से बाहर निकाला और उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। बुधवार को लड़की परिजन वृंदावन पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए। डिग्री कालेज की प्रवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता लक्ष्मी गौतम ने बताया कि युवती मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है। वह स्वास्थ्य जांच के नाम पर पिता से 1500 रुपए लेकर यहां वृन्दावन आ गई। युवती ने शनिवार-रविवार को भी मंदिर में रुकने का प्रयास किया लेकिन पुजारियों ने रुकने नहीं दिया और वहां से भेज दिया।

निधिवन राज मंदिर के सेवायत गोस्वामी भीकचंद ने बताया कि, ‘ठाकुर जी को शयन कराने के पश्चात मैं अक्सर वन का निरीक्षण करता हूं कि कहीं श्रद्धालु भगवद्दर्शन की लालसा के वशीभूत हो वहां छिपा तो नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को भी जब उन्होंने युवती को वहां देखा तो पहले उसे समझाया, लेकिन उसके जिद्द पर अड़े रहने पर पुलिस की मदद ली।

वृंदावन कोतवाली प्रभारी फूलचंद वर्मा ने बताया कि युवती के पिता दाल के व्यापारी हैं। सोमवार को उसे निधिवन से बाहर निकालने के बाद महिला सामाजिक कार्यकर्त्ता की सुपुर्दगी में देकर पिता का इंतजार करने को कहा गया था। बुधवार को लड़की को उसके पिता को सुपुर्द कर दिया गया। उन्होंने बताया कि लड़की बिहारी जी के रास दर्शन की जिद्द पर अड़ी हुई थी।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*