Iran: सर्वोच्च नेता खामेनेई ने टीवी पर आकर जताई चिंता; इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

सर्वोच्च नेता खामेनेई

यूनिक समय, नई दिल्ली। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब एक भीषण वैश्विक कूटनीतिक युद्ध का रूप ले लिया है। देशव्यापी अशांति के बीच, शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सरकारी टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिका और प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला। खामेनेई ने न केवल इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश करार दिया, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘अहंकारी’ बताते हुए उन्हें अपने देश की आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देने की नसीहत दी।

ईरानी सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है और बाहरी दुनिया से संचार पूरी तरह काट दिया है, ताकि प्रदर्शनकारी एकजुट न हो सकें।

खामेनेई का ट्रंप पर प्रहार: “हाथ खून से सने हैं”

सर्वोच्च नेता ने अपने संबोधन में अत्यंत कड़े लहजे का इस्तेमाल किया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। खामेनेई ने दावा किया कि ट्रंप जल्द ही सत्ता से बेदखल कर दिए जाएंगे। उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी देते हुए कहा, “कुछ लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाकर दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।”

“विदेशी एजेंटों को बर्दाश्त नहीं करेगा ईरान”

खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान की धरती पर विदेशी समर्थित ऑपरेटिव्स (आतंकी एजेंटों) के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इस्राइल का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने युवाओं से अपील की, “एकजुट राष्ट्र कभी हार नहीं सकता। अपने देश की रक्षा करना आक्रमण नहीं, बल्कि साम्राज्यवाद के सामने साहस दिखाना है।”

क्यों भड़की विद्रोह की आग?

यह ताजा तनाव तब शुरू हुआ जब निर्वासन में रह रहे ईरान के पूर्व शहजादे (क्राउन प्रिंस) के आह्वान पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। गुरुवार रात से शुरू हुए ये प्रदर्शन शुक्रवार सुबह तक तेहरान समेत कई बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में फैल गए। प्रदर्शनकारी सरकार की नीतियों और आर्थिक तंगहाली के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। सरकारी मीडिया ने स्वीकार किया है कि हिंसा में कुछ लोग हताहत हुए हैं, लेकिन सटीक संख्या अब भी रहस्य बनी हुई है।

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