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Agra : यूपी प्रशासन में बड़ा बदलाव, 6 आईएएस अफसर इधर-उधर; नगेन्द्र प्रताप बने आगरा मंडलायुक्त

by यूनिक समय • January 31, 2026
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उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया, जिसमें छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

इससे पहले भी गुरुवार को राज्य सरकार द्वारा कुछ आईएएस अधिकारियों को इधर-उधर किया गया था। इसी कड़ी में कुमार प्रशांत को राज्य सूचना आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले उन्हें समाज कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया था, हालांकि उन्होंने उस पद का कार्यभार ग्रहण करने से इनकार कर दिया था। अब उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

इसके साथ ही राजेश कुमार द्वितीय, जो अब तक पर्यटन विभाग में महानिदेशक थे, उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है। वहीं डॉ. देवदत्त मिश्र को राज्य सूचना आयोग से हटाकर पर्यटन विभाग का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

तबादला सूची में गाजियाबाद की संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. पूजा गुप्ता का नाम भी शामिल है। उन्हें मथुरा का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। वहीं प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग में तैनात रविंद्र प्रसाद को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें वर्तमान पद के साथ-साथ खाद्य एवं रसद विभाग में आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आईएएस ट्रांसफर लिस्ट में तीसरा प्रमुख नाम विवेक कुमार श्रीवास्तव का है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में उपसचिव थे। उन्हें मऊ जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही मथुरा के सीडीओ मनीष मीणा का भी स्थानांतरण किया गया है और उन्हें यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है।

शनिवार को भी प्रदेश में एक और अहम प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे नगेंद्र प्रताप को आगरा का नया मंडलायुक्त बनाया गया है। वहीं मऊ के मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर का तबादला करते हुए उन्हें फिरोजाबाद का नगर आयुक्त और फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कसावट और बेहतर गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


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