यूनिक समय, नई दिल्ली। अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी पहाड़ी प्रांत नूरिस्तान में आई भीषण और अचानक (फ्लैश फ्लड) बाढ़ ने व्यापक पैमाने पर तबाही मचाई है। प्रांत की राजधानी पारून और उसके आसपास के दर्जनों गांवों में तेज बारिश के बाद उफनाती नदियों व नालों ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 80 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक ग्रामीण अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तालिबान आपदा प्रबंधन का बयान आपदा के बाद तालिबान सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थिति की गंभीरता की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, पारून शहर और उससे सटे कई सुदूरवर्ती इलाकों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आपदा प्रबंधन विभाग की राहत और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं। राहत दल मलबे में दबे और बह गए लोगों की तलाश करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर हुए कुल नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। अधिकारियों का मानना है कि कई दूरस्थ इलाकों में संपर्क पूरी तरह कट जाने की वजह से स्थिति सामान्य होने में अभी काफी वक्त लगेगा। बचाव कार्य में बड़ी चुनौती नूरिस्तान का अधिकांश भू-भाग कठिन और दुर्गम पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, जहां सामान्य दिनों में भी आवागमन सीमित रहता है। बाढ़ के चलते कई प्रमुख सड़कें बह गई हैं और कई जगह भारी मलबे के कारण रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके हैं। इस वजह से राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बचावकर्मियों को कई किलोमीटर पैदल चलकर या जोखिम भरे वैकल्पिक रास्तों से होकर पीड़ितों तक पहुंचना पड़ रहा है। सैकड़ों मकान और दुकानें ध्वस्त इस प्रलयंकारी बाढ़ ने स्थानीय अर्थव्यवस्था और ढांचागत व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। बाढ़ के तांडव से सैकड़ों आवासीय मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं, जबकि दर्जनों दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और विस्तृत कृषि भूमि पानी के तेज बहाव में बह गई है। इसके चलते कई परिवारों के आशियाने छिन गए हैं और उनके सामने भोजन तथा सिर छिपाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए आपातकालीन सहायता जुटाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अपनों की तलाश में भटक रहे परिजनों की चिंता पल-पल गहराती जा रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Congress Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरी कांग्रेस; राहुल-प्रियंका और खरगे ने पीएम आवास का किया घेराव ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]