यूनिक समय, नई दिल्ली। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक एकीकरण को लेकर तीन बड़े और कड़े प्रस्तावों का ऐलान किया है। रोम में अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा संगठन (जेन-जी) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह घोषणाएं कीं। इन प्रस्तावों के तहत स्कूलों की कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने, बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने तथा इटैलियन भाषा सीखने को अनिवार्य बनाने की बात कही गई है। पीएम जॉर्जिया मेलोनी के 3 प्रमुख प्रस्ताव इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कक्षाओं में विदेशी छात्रों की सीमा तय करने का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत स्कूल-कॉलेजों की हर कक्षा में विदेशी विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या कानूनी रूप से निर्धारित की जाएगी। जिन विदेशी छात्रों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में कठिनाई हो रही है, उनके माता-पिता के लिए इतालवी (इटैलियन) भाषा और संस्कृति सीखना अनिवार्य किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों के भीतर चेहरा ढकने वाले बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। "इटली आने वालों को हमारी भाषा और संस्कृति का सम्मान करना होगा" कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मेलोनी ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति इटली आकर अपना भविष्य बनाना चाहता है, उसे देश के नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी परंपरा के नाम पर किसी युवा महिला को खुद को छिपाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वागत का सही तरीका यही है कि नए लोग स्थानीय भाषा, संस्कृति और कानूनों को समझें और उनका सम्मान करें। संसदीय प्रक्रिया और वैश्विक संदर्भ इन नियमों को लागू करने के लिए पहले मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) में प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसे 60 दिनों के भीतर इटली की संसद से पारित कराना आवश्यक होगा। वर्तमान में फ्रांस और चीन समेत दुनिया के लगभग 24 देशों में बुर्का और नकाब के सार्वजनिक या शैक्षणिक इस्तेमाल पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लागू हैं। 2027 के आम चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक कदम हाल ही में इटली के युद्ध-बाद के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने वाली जॉर्जिया मेलोनी का यह कदम 2027 के आम चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। इटली में प्रवासन (माइग्रेशन) और राष्ट्रीय पहचान हमेशा से प्रमुख चुनावी मुद्दे रहे हैं। इन प्रस्तावों के जरिए मेलोनी अपनी राजनीतिक पकड़ और लोकप्रियता को बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Asian Games 2026 से पहले 22 सितंबर को जापान से भिड़ेगी श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया; जाने कितने बजे होगा मैच ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]