जानिए: पुलिस के सामने ये हैं आपके अधिकार!

नई दिल्ली। पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। पुलिस को कानून में कितने अधिकार हैं। सच तो यह है कि पुलिस को कानून ने तमाम अधिकार दिए हैं तो आम आदमी को भी कानून और संविधान में तमाम अधिकार मिले हुए हैं।

पुलिस कब और किसे कर सकती है गिरफ्तार
पुलिस को गिरफ्तारी को लेकर जो अधिकार हैं, उसके बारे में सीआरपीसी की धारा-41 में बताया गया है। पुलिस बिना वॉरंट के गंभीर अपराध के मामले में ही गिरफ्तारी कर सकती है। अगर संज्ञेय अपराध हुआ हो यानी आमतौर पर 3 साल से ज्यादा सजा वाले गैरजमानती (मर्डर, रेप आदि) अपराध में पुलिस बिना वॉरंट के गिरफ्तार कर सकती है। अगर कोई भगोड़ा है तो उसे पुलिस गिरफ्तार कर सकती है या फिर इस बात का अंदेशा हो कि कोई गंभीर अपराध करेगा तो भी गिरफ्तारी हो सकती है। अगर मामला संज्ञेय अपराध का नहीं है तो फिर गिरफ्तारी के लिए पुलिस को वॉरंट दिखाना होगा। मैजिस्ट्रेट की कोर्ट से पुलिस को असंज्ञेय मामले में वॉरंट जारी कराना होता है तभी वह गैर-संज्ञेय या कम गंभीर मामले में गिरफ्तारी कर सकती है।

7 साल के कम सजा के मामले में
किसी की गिरफ्तारी सिर्फ इसलिए नहीं हो सकती कि मामला संज्ञेय और गैर-जमानती है। 7 साल से कम सजा वाले मामले में रूटीन और मकैनिकल तरीके से गिरफ्तारी नहीं करनी चाहिए। यानी 7 साल से कम सजा के मामले में जब क्राइम की गंभीरता को लेकर पुलिस संतुष्ट होगी, तभी वह किसी को गिरफ्तार कर सकती है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के अधिकार
गिरफ्तारी के वक्त अरेस्ट मेमो बनाया जाना जरूरी है। डीके बासु से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस की ड्यूटी है कि वह आरोपी को उसके वकील से मिलने दे। अरेस्ट मेमो पर आरोपी के रिश्तेदार या दोस्त या मौके पर मौजूद शख्स के दस्तखत लेना जरूरी है। साथ ही, ये बताना भी जरूरी है कि आरोपी के पास से क्या-क्या बरामद हुआ। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के रिश्तेदार को इस बारे में जानकारी देना भी जरूरी है कि किस मामले में गिरफ्तारी हुई है। आरोपी का मेडिकल कराया जाना अनिवार्य है। कस्टडी में भी हर 48 घंटे पर मेडिकल कराना जरूरी है। इसी तरह महिलाओं को कुछ गंभीर मामलों को छोड़कर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय पहले गिरफ्तार नहीं कर सकती। अगर गिरफ्तार करना है तो महिला पुलिस भी होगी और फौरन ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

महिलाओं के लिए कुछ खास नियम
महिलाओं को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यही बात थाने बुलाकर पूछताछ करने पर भी लागू होती है। लेकिन अत्यंत गंभीर मामलों (मर्डर, आतंकवादी संलिप्तता आदि) में महिला पुलिस गिरफ्तार करेगी और उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। लॉकअप में पूछताछ के समय, गिरफ्तारी के समय कोई न कोई महिला पुलिस साथ होगी।

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