यूनिक समय, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब के पक्ष में बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। अमेरिका ने सऊदी अरब को लगभग 24.3 अरब डॉलर के अत्याधुनिक F-35 'लाइटनिंग II' लड़ाकू विमानों और संबंधित सैन्य उपकरणों की संभावित बिक्री को हरी झंडी दे दी है। इस रक्षा सौदे का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय खतरों के समक्ष सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाना है। 48 एफ-35 जेट और आधुनिक तकनीक का सौदा सऊदी अरब ने अपनी वायुसेना को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए अमेरिका से विशेष अनुरोध किया था। सऊदी अरब ने 48 F-35 फाइटर जेट्स के साथ 49 इंजन और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरणों की मांग की थी, जिसे अमेरिकी विदेश विभाग ने मंजूरी दे दी है। सऊदी अरब के पास पहले से F-15, यूरोफाइटर टाइफून और टॉरनेडो जैसे लड़ाकू विमान मौजूद हैं। स्टील्थ डिजाइन और एडवांस्ड सेंसर तकनीक से लैस F-35 के शामिल होने से उसकी सामरिक क्षमता में ऐतिहासिक इजाफा होगा। हूती विद्रोहियों द्वारा हाल ही में सऊदी के एक F-15 विमान को मार गिराने की घटना के बाद यह सौदा बेहद अहम माना जा रहा है। इजरायल की चिंता और अमेरिका का रुख मध्य पूर्व में अब तक F-35 फाइटर जेट का संचालन केवल इजरायल ही करता रहा है। इस सौदे की खबर सामने आने के बाद इजरायली अधिकारियों ने अपनी सैन्य बढ़त (QME) प्रभावित होने की आशंका जताई थी। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि यह बिक्री मध्य पूर्व के क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेगी। अमेरिका के अनुसार, यह सौदा इजरायल की गुणात्मक सैन्य बढ़त बनाए रखने की उसकी नीति के पूरी तरह अनुकूल है। चीन को लेकर तकनीकी सुरक्षा और कड़े प्रतिबंध F-35 लड़ाकू विमान में बेहद आधुनिक रडार, स्टेल्थ और निगरानी प्रणालियां लगी हुई हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चिंता जताई है कि यदि चीन को इस अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी मिली, तो अमेरिकी सैन्य सुरक्षा को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसी वजह से सौदे की शर्तों के अनुसार कड़े सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत F-35 से जुड़े सभी सैन्य ठिकानों और संवेदनशील क्षेत्रों में केवल अधिकृत अमेरिकी और सऊदी कर्मियों की आवाजाही की अनुमति होगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: कैंची धाम की तर्ज पर सजेगी नीम करौली बाबा की जन्मस्थली; फिरोजाबाद से वृंदावन तक आकार लेगा ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]