यूनिक समय, मथुरा। पूरे देश में भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और आध्यात्मिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ। ब्रज मंडल के मुख्य केंद्र श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मध्यरात्रि ठीक 12:05 बजे जब कान्हा का प्राकट्य हुआ, तो संपूर्ण परिसर 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। बारिश के बीच भी भक्ति का उत्साह कम नहीं हुआ और मथुरा-वृंदावन में 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी दर्ज की गई। कामधेनु गाय के दूध से हुआ अभिषेक जन्मोत्सव के मुख्य कार्यक्रम के तहत रात 11:55 बजे 5 मिनट के लिए मंदिर के पट बंद किए गए। ठीक 12:05 बजे भगवान के प्रकट होते ही सोने से मढ़ी चांदी की कामधेनु गाय के दुग्ध प्रवाह से कान्हा जी का प्रथम स्नान कराया गया। इसके उपरांत प्रभु को चांदी के कमल पुष्प पर विराजमान कर पंचामृत से स्नान कराया गया। कन्हाई को रत्नजड़ित मुकुट, आभूषण और विशेष पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक धारण कराई गई। इस अलौकिक क्षण के दौरान उज्जैन से आए डमरू व मृदंग वादकों ने मंगल ध्वनि प्रस्तुत कर संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। गर्भगृह को 200 किलो चांदी एवं दुर्लभ प्राकृतिक पुष्पों से सजाया गया था। रात 12:45 बजे प्रतिमा को गर्भगृह में स्थापित कर शयन आरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं के अनोखे रूप और भावुक क्षण मथुरा एवं वृंदावन की गलियों में देश-विदेश से आए श्रद्धालु विभिन्न सांस्कृतिक वेशभूषाओं में नजर आए। कोई भालू तो कोई वानर स्वरूप धरकर नृत्य करता दिखा। इस पावन अवसर पर बांग्लादेश से आए दंपति तपन और जोली जब श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार पर पहुंचे, तो वे भावविभोर होकर रो पड़े और प्रभु के दर्शन पाकर स्वयं को धन्य बताया। प्रदेश भर में जन्मोत्सव का उल्लास जन्माष्टमी की धूम केवल मथुरा तक सीमित नहीं रही। काशी, लखनऊ और नोएडा स्थित इस्कॉन मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर को भी दिव्य रूप से सजाया गया। कानपुर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी धार्मिक गीतों पर श्रद्धालुओं के साथ नृत्य करते नजर आए। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: जन्माष्टमी पर ब्रज पहुंचीं एक्ट्रेस निमरत कौर; बांके बिहारी के किए दर्शन, बरसाना की गलियों से निधिवन तक महसूस की दिव्यता ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]