
यूनिक समय, मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के रजिस्ट्रेशन नियमों के खिलाफ ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का गुस्सा फूट पड़ा। सैंकड़ों की सख्या में चालक अपने ई-रिक्शा और ऑटो लेकर धौलीप्याऊ के रेलवे ग्राउंड पर पहुंचे और वहां उन्होंने प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि नगर निगम ने शहर और वृंदावन में ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए रुट निर्धारण का प्लान बनाया था जिससे ई-रिक्शा और ऑटो के कारण सड़कों पर लगने वाले जाम से लोगों को छुटकारा मिल सके। इसके लिए नगर निगम ने 8 दिसंबर 2025 को ऑटो-ई रिक्शा रजिस्ट्रेशन के लिए रूट निर्धारण का आदेश लागू किया था। इसके तहत प्रत्येक ऑटो और ई-रिक्शा के लिए रजिस्ट्रेशन तीन हजार रुपये वार्षिक शुल्क रखा गया था।
रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई थी। ऑटो और ई- रिक्शाचालकों का आरोप है कि अब तक सिर्फ 2700 वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। इसके साथ ही रूट नंबर 4 और 5 पर रजिस्ट्रेशन पूरा होने का पता लगने पर इन रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा चलाने वाले दूसरे चालकों में भारी नाराजगी फैल गई। इस नाराजगी का परिणाण यह हुआ कि ऑटो चालकों और ई-रिक्शा चालकों ने रेलवे ग्राउंड में अपने वाहनों को ले जाकर खड़ा किया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रेलवे ग्राउंड में होने वाले हंगामे की खबर लगने पर अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गया। अधिकारियों और यूनियन के पदाधिकारियों के बीच इस मसले का कोई हल नहीं निकल सका।
प्रदर्शनकारी चालकों का आरोप है कि चुनिंदा रूटों पर कर्मचारियों द्वारा अपने तरीके से फायदा पहुंचाया जा रहा है जबकि गरीब ऑटो चालकों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
चालकों का कहना है कि कमाई इतनी नहीं कि एक साथ ₹3000 रजिस्ट्रेशन शुल्क और ऊपर से ट्रैफिक चालान भी भरे जाएं। इस मामले का समाधान न होने पर प्रदर्शनकारी ऑटो और ई-रिक्शा चालक कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण के आवास मयूर बिाहर पर पहुंचे। चालकों ने अपनी समस्या उन्हें बताई। मंत्री ने इस मामले को हल करने के लिए नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और एसएसपी से बातचीत करने का भरोसा दिया।
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