यूनिक समय, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए आगामी 9 अगस्त को प्रस्तावित कार सेवा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। शुक्रवार देर शाम वृंदावन के गोशाला नगर स्थित ललितकुंज में आयोजित संतों, धर्माचार्यों और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की चिंतन बैठक में यह निर्णय लिया गया। वर्तमान परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद सर्वसम्मति से तय किया गया कि 9 अगस्त को कार सेवा के स्थान पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य हवन-पूजन और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। श्रावण मास और कानून-व्यवस्था को देखते हुए लिया गया फैसला चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सच्चिदानंद ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कार सेवा की घोषणा 4 जुलाई को की गई थी, जिसके बाद देशभर के संतों से संपर्क कर समर्थन जुटाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, सुरक्षा व्यवस्था और कोर्ट में चल रही न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए पिछले पांच दिनों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। संत समाज का मुख्य उद्देश्य है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान के विषय को लेकर कानून-व्यवस्था और शांति में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसीलिए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। 9 अगस्त को सुबह 9 बजे होगा विशेष यज्ञ और प्रार्थना बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि पूर्व निर्धारित समय 9 अगस्त की सुबह 9 बजे पौराणिक वैदिक रीति-रिवाज से हवन-पूजन किया जाएगा। इस विशेष यज्ञ में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने, अदालत में जारी न्यायिक प्रक्रिया का शीघ्र निस्तारण होने और विपक्षी पक्ष में सद्बुद्धि व सकारात्मक सोच के प्रवेश के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जाएगी। घोषित होगी कार सेवा की नई तारीख अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने आश्वस्त किया है कि देश के प्रमुख धर्माचार्यों और संतों से पुनः विचार-विमर्श करने के बाद कार सेवा की नई तिथि घोषित की जाएगी। बैठक में उपस्थित सभी संतों ने सहमति जताई कि पूरा संत समाज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के मार्गदर्शन का पूर्ण सम्मान करेगा और नई तारीख तय होते ही इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। बैठक में प्रमुख संत-महापुरुष रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण चिंतन बैठक में चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सच्चिदानंद, महंत राधाप्रसाद जू महाराज, महामंडलेश्वर मोहनी बिहारी महाराज, सुरेशानंद महाराज, धर्मरक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़, स्वामी अतुल कृष्ण महाराज, महामंडलेश्वर रामदास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी आदित्य नंद गिरी महाराज और आचार्य बद्रीश सहित कई प्रमुख संत एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम; स्वामी विवेकानंद प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]