पीएम मोदी का चक्रव्यूह: फंस गई कांग्रेस, जानिए वजह

नई दिल्ली: नागरिकता कानून के खिलाफ कांग्रेस के साथ कई विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है. अब मोर्चा खोलने वाले नेताओं और विरोधी पार्टियों को प्रधानमंत्री मोदी ने एक चैलेंज दिया है. हाल ये है कि उस चैलेंज के चक्रव्यूह में कांग्रेस फंस गई है. पीएम मोदी ने कांग्रेस को चैलेंज दिया कि क्या वो पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत की नागरिकता देंगे, क्या जम्मू कश्मीर, लद्दाख में फिर से 370 लागू करेंगे और क्या तीन तलाक कानून को रद्द करेंगे?

असल में ये वो सवाल है जो विपक्ष की राजनीति को हिलाकर रख देने वाला है. एक तरीके से समझें तो प्रधानमंत्री ने इन तीन सवालों के जरिये देश में 2024 का एजेंडा सेट कर दिया है. कांग्रेस से पीएम मोदी ने सवाल इसलिए पूछा क्योंकि कांग्रेस नागरिकता कानून का विरोध कर रही है. कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों की दलील इस बिल को लेकर यही है कि धर्म के नाम पर नागरिकता को बांटा क्यों जा रहा है. अब पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लेकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है. कांग्रेस जवाब देती है तो हिंदुओं की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है.

पीएम ने दूसरा सवाल आर्टिकल 370 को लेकर पूछा है. ये वही आर्टिकल 370 है जिसके हटने के बाद देश भर में जश्न मना था. कांग्रेस अगर जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 दोबारा लाने की बात कहती है तो फिर उसे देश के बहुसंख्यक यानी हिंदू वोटरों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. कांग्रेस पर पहले से ही आरोप लग रहे हैं कि वो पाकिस्तान की भाषा बोल रही है. लिहाजा 370 को लेकर कांग्रेस खुलकर ये कहने की हालत में नहीं है कि वो सत्ता में आये तो इसे दोबारा लेकर आएंगे.

इसके साथ ही तीन तलाक वाला चैलेंज तो कांग्रेस के लिए शूल की तरह है जो उसे चुभता ही रहेगा. तीन तलाक कानून ने तो यूपी विधानसभा चुनाव से लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव तक में बीजेपी के पक्ष में काम किया था. कांग्रेस इसके खिलाफ बोलती है तो फिर मुस्लिम महिलाओं के कोप का शिकार होना पड़ सकता है.

पीएम मोदी के चैलेंज को लेकर आज जब कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के सामने सवाल आया तो उन्होंने उल्टे पीएम मोदी पर सवालों की बौछार कर दी. वहीं कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल के सामने भी मोदी के चैलेंज का सवाल आया. सिब्बल ने कहा कि पीएम मोदी को पाकिस्तान से बाहर निकलना चाहिए.

2014 के चुनाव में जब कांग्रेस मोदी के हाथों बुरी तरह हारी तो कांग्रेस की हार वाली रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि पार्टी की छवि हिंदू विरोधी बन चुकी है. एंटनी कमेटी ने पार्टी को ये रिपोर्ट दी थी. इसके बाद इस छवि से निकलने की कोशिश हुई. राहुल गांधी मंदिर मंदिर गये लेकिन 2019 में कांग्रेस इस छवि से बाहर नहीं आ पाई. अब कांग्रेस मोदी के सवाल पर रिएक्ट करती है तो उसका 2024 में भी हिंदू विरोधी वाली छवि से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा. शायद इसीलिए कांग्रेस मोदी की चुनौती पर संभली हुई है.

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